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कोडीन कफ सिरप : गुजरात से चल रहा था अलग सिंडिकेट, नशीली दवाएं नेपाल भेजता था संचालक मनोहर जायसवाल

Tue, 16 Dec 2025 02:48 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

गुजरात की फार्मा कंपनियों के जरिए कोडीनयुक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं की नेपाल तस्करी का बड़ा सिंडिकेट ईडी की जांच में सामने आया है। मामले में संचालक मनोहर जायसवाल, उसकी पत्नी और अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसता जा रहा है, जबकि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी कार्रवाई कर रही है।
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नकली कफ सिरप (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुजरात के अहमदाबाद में आर्पिक और इथिका फार्मास्युटिकल्स कंपनी द्वारा बनाई जा रही नशीली दवाएं और कोडीनयुक्त कफ सिरप नेपाल तस्करी किया जा रहा था। कंपनी के संचालक मनोहर जायसवाल द्वारा प्रदेश के कई जिलों की फर्जी फर्मों को दवाओं और सिरप की आपूर्ति दिखाई जाती थी, जबकि इसे ऊंचे दामों पर नेपाल भेज दिया जाता था। 

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में इसके पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं कि गुजरात से नशीली दवाओं की तस्करी का अलग सिंडिकेट मनोहर जायसवाल और उनकी पत्नी अर्चना जायसवाल चला रहे थे। ईडी ने दोनों को मंगलवार को पूछताछ के लिए तलब किया है।

दरअसल, कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के मामले की जांच शुरू करने के बाद जब ईडी ने आर्पिक फार्मास्युटिकल्स और उसकी सहयोगी कंपनी इथिका फार्मास्युटिकल्स के रिकॉर्ड खंगाले तो पता चला कि दोनों कंपनियों द्वारा बड़े पैमाने पर ऐसी दवाओं का निर्माण किया जाता है, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए होता है। 

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कंपनी द्वारा इन दवाओं को राजधानी के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम भेजा जाता था, जहां से अलग-अलग फर्मों को बिलिंग होती थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में दोनों कंपनियों द्वारा बनाई गई दवाओं की बरामदगी होने के बाद मुकदमा दर्ज कराया गया था। 

वहीं ईडी ने भी केस दर्ज करने के बाद मनोहर जायसवाल के अहमदाबाद और राजधानी के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित ठिकानों पर छापा मारा था। हालांकि ईडी की टीम पहुंचने से पहले मनोहर अपनी पत्नी के साथ भाग निकलने में कामयाब हो गया था।

शुभम से तलाशा जा रहा लिंक

ईडी की जांच में आर्पिक और इथिका कंपनियों द्वारा बनाई गई दवाओं की वाराणसी की कुछ फर्मों को सप्लाई करने के प्रमाण मिले हैं। हालांकि जांच में अभी तक शुभम जायसवाल और मनोहर जायसवाल का कोई सीधा लिंक सामने नहीं आया है। बीते दिनों दाेनों कंपनियों ने करोड़ों रुपये की अल्प्राजोलम, ट्रामाडॉल टेबलेट और कोडीनयुक्त कफ सिरप लखीमपुर खीरी भेजा गया था, जिससे नशीली दवाओं की खेप नेपाल भेजने की पुष्टि हो रही है।

आलोक से पूछेंगे, कहां से आया पैसा

ईडी के अधिकारी जल्द बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह से जेल में पूछताछ करेंगे। दरअसल, छापे के दौरान आलोक सिंह की आलीशान कोठी के साथ तमाम अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले थे। मौके पर मौजूद परिजन इन संपत्तियों को खरीदने के लिए जुटाई गई रकम का स्रोत नहीं बता पाए थे। 

जांच में बीते 5 वर्ष के दौरान उसके द्वारा आयकर विवरण जमा नहीं करने की पुष्टि भी हुई है। इसी वजह से अब जेल में आलोक से इन संपत्तियों को खरीदने में खर्च रकम का हिसाब लिया जाएगा। इसके बाद संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
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शुभम फिर नहीं हुआ पेश

वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपियों में शामिल शुभम जायसवाल सोमवार को ईडी के सामने फिर पेश नहीं हुआ। ईडी उसे तीन बार नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब कर चुका है। अब उसके खिलाफ मनी लांड्रिंग के केस में गैर-जमानती वांरट जारी कराएगा। उसके बाद दुबई से प्रत्यर्पण कराने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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