लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमन के मुताबिक, देश में करीब 63 लाख लोग श्रवण हानि (सुनने की अक्षमता) से पीड़ित हैं। यह गंभीर जन स्वास्थ्य समस्या बन गई है। कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी इन लोगों को नया जीवन दे सकती है। वह रविवार को संस्थान के हेड एंड नेक सर्जरी विभाग की कार्यशाला में बोल रहे थे।
निदेशक ने कहा कि राज्य भर के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है। इसको देखते हुए पीजीआई ने यह जिम्मेदारी उठाई है। संस्थान प्रदेश में बच्चों में श्रवण हानि की इस गंभीर समस्या के लिए क्षमता निर्माण के लिए काम कर रहा है। निदेशक ने प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से नवजात शिशुओं की श्रवण क्षमता की व्यापक जांच और शीघ्र निदान व श्रवण पुनर्वास की जरूरत पर बल दिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. अमित केशरी ने कॉक्लियर इम्प्लांट कार्यक्रम शुरू करने से जुड़ी तकनीकी बारीकियों और इससे व्यक्तियों के जीवन पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव के बारे में बताया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. देवेंद्र गुप्ता भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।