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सहकारिता भर्ती घोटाला : पात्र अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में की गई थी हेराफेरी, होगी फोरेंसिक जांच

Thu, 27 May 2021 01:15 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

राज्य भंडारण निगम में उप प्रबंधक के 12 पदों, प्राविधिक सहायक के 12 और कनिष्ठ कार्यालय सहायक के 69 पदों पर भर्ती के लिए कंप्यूटर एजेंसी बदलकर बिना टेंडर किए मेसर्स डाटा ट्रैक्स कंप्यूटर सिस्टम लखनऊ को दिया गया।
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विस्तार
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सहकारिता विभाग में भर्तियों में हुए घोटाले में अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। एफआईआर दर्ज कराने के बाद एसआईटी इसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजकर जांच कराएगा। इस मामले में हाल ही में एसआईटी ने छह एफआईआर दर्ज की है।

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सहकारिता में नियम विरुद्ध भर्ती के लिए साजिश रचकर यहां पहले से तय कंप्यूटर एजेंसी को हटाकर अपने लोगों को काम दिलाया गया। राज्य भंडारण निगम  में उप प्रबंधक के 12 पदों, प्राविधिक सहायक के 12 और कनिष्ठ कार्यालय सहायक के 69 पदों पर भर्ती के लिए कंप्यूटर एजेंसी बदलकर बिना टेंडर किए काम मामले में आरोपी नीलम पांडेय की एजेंसी मेसर्स डाटा ट्रैक्स कंप्यूटर सिस्टम लखनऊ को दिया गया। 

आरोपी सेवा मंडल के अध्यक्ष ओमकार यादव और सचिव भूपेंद्र कुमार विश्नोई ने अपने-अपने लोगों की मनमानी भर्ती कराई। इसी तरह एक अन्य भर्ती में तत्कालीन अध्यक्ष राम जतन यादव और सचिव राकेश कुमार मिश्र ने मिलकर पहले मनमाने ढंग से एजेंसी बदलवाई और फिर अपने मनमुताबिक भर्तियां कराईं। इस मामले में अधिकारियों पर आरोप है कि इन लोगों ने साक्ष्य मिटाने के लिए पहले तो कंप्यूटर की हार्ड डिस्क ही गायब कर दी। स्कैन किए गए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की और पात्र अभ्यर्थियों के ओएमआर शीट में एक से अधिक गोले पर निशान लगाकर उसे फेल कराने में अहम भूमिका निभाई गई। अब पूरे मामले की विवेचना एसआईटी करेगी और एक-एक करके सभी सच सामने लाए जाएंगे।

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