यूपी कोऑपरेटिव बैंक (यूपीसीबी) प्रबंध समिति ने 50 सहायक प्रबंधकों की बर्खास्त कर दिया है। बृहस्पतिवार को यूपीपीसीबी प्रबंध समिति की बैठक में इस पर मुहर लगा दी। सभी को एक माह का वेतन देकर नौकरी से हटा दिया जाएगा।
ये सभी भर्तियां समाजवादी पार्टी की सरकार केदौरान हुई थी। अरोप लगा था कि चयनित सभी सहायक प्रबंधक अफसरों और नेताओं के करीबी थे। इनके लिए भर्ती के लिए जरूरी शैक्षिक योग्यता में भी फेरबदल किया गया था
यूपी कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष तेजवीर सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई प्रबंध समिति की बैठक में 2015 में हुई भर्तियों को निरस्त करते हुए सभी सहायक प्रबंधक को बर्खास्त करने का फैसला किया गया।
यूपीसीबी इम्पलाइज एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री जय सिंह ने इन भर्तियों में हुई गड़बड़ी की शिकायत की थी। उनका आरोप था कि भर्ती के दौरान नियम-कानून को ताक पर रख रसूखदारों के परिवार के सदस्यों को नौकरियां बांटी गई।