दस मार्च के बाद डीजल-पेट्रोल के दाम 10 से 12 रुपये तक बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सीएनजी भी 10 और घरों में इस्तेमाल होने वाली पीएनजी पांच रुपये किलो तक महंगी हो सकती है। इससे सीएनजी के दाम 80 रुपये प्रति किलो और पीएनजी 40 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर के पार जा सकती है।
ग्रीन गैस के बड़े अधिकारी ने बताया कि माना जा रहा है कि 10 मार्च को चुनाव परिणाम आते ही डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ेंगे। वहीं, रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते ग्रीन गैस ने विदेश से आने वाली गैस के कोटे में 20 प्रतिशत की कटौती की है, जिसका सीधा असर कीमत पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि सीएनजी 10 तो पीएनजी पांच रुपये महंगी होगी। वहीं, एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी हाल ही में बढ़ी है।
थोक में बढ़ चुके डीजल के दाम
फुटकर में पेट्रोल पंपों पर अभी भले ही डीजल महंगा नहीं हुआ है, लेकिन थोक में दाम बढ़ गए हैं। इसी कारण नगर निगम ने अपना डीजल पंप बंद कर दिया है। निगम बाजार से डीजल ले रहा है, क्योंकि प्राइवेट पंपों पर जिस कीमत में डीजल शहरवासियों को मिल रहा है उससे छह रुपये अधिक पर नगर निगम को इंडियन ऑयल डीजल दे रहा है। वहीं, दो महीने पहले तक कंपनी नगर निगम को छह रुपये प्रति लीटर कम दाम पर डीजल देती थी। ऐसे में यह माना जा रहा है कि 10 मार्च के बाद आम जनता को भी महंगा डीजल मिलेगा।
ग्रीन गैस के मार्केटिंग अफसर प्रवीन कुमार का कहना है कि गैस का रेट कई कारणों से बदलता है। अब रूस-यूक्रेन युद्ध का असर पड़ेगा। जिस कीमत पर कंपनी को गैस सरकार से मिलती है, उसी आधार पर वह संचालन खर्च जोड़कर अपने रेट रखती है। इस समय जो हालात हैं, उससे आशंका है कि सीएनजी-पीएनजी के रेट बढ़ सकते हैं।
अभी यह है कीमत
सीएनजी- 72.50 रुपये किलो
पीएनजी- 38.50 प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर