लखनऊ। शहर में बसी अवैध बस्तियों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने नगर निगम से रिपोर्ट तलब की है। चिह्नित अवैध बस्तियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर अमर उजाला में गत 18 अप्रैल को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद यह सख्ती की गई है। अमर उजाला ने यह मुद्दा बीती 15 अप्रैल को विकास नगर इलाके में रिंग रोड के किनारे बसी बस्ती में आग की भयंकर घटना के बाद उठाया था।
साथ ही यह समाचार भी प्रकाशित किया था कि दिसंबर में महापौर सुषमा खर्कवाल ने रोंहिग्या और बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें बाहर करने के लिए अवैध बस्तियों को चिह्नित करने को कहा था। नगर निगम के जोन सात में आने वाले आठ वार्डों में 16 अवैध बस्तियां चिह्नित की गई थीं। नगर निगम ने इनकी सूची तो बनाई, लेकिन आदेश पर अमल नहीं किया गया। नगर निगम के एसडीएम रामेश्वर प्रसाद ने बताया था कि बस्तियों को हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन को है। नगर निगम बस्तियाें को चिह्नित कर सूचना भेज चुका है।
अब इस मामले में सचिव मुख्यमंत्री सुरेंद्र सिंह ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर समस्या का समाधान करते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।