प्रदर्शनी में मलिहाबाद की रुचि के स्टॉल पर जानकारी लेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। स्रोत ः सूच
लखनऊ। विश्व युवा कौशल दिवस पर गोमतीनगर स्थित आईजीपी सभागार में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदर्शनी हॉल में दाखिल हुए, तो एक गाउन पर उनकी नजर ठहर गई। यह कोई आम गाउन नहीं, बल्कि जूट और वेस्ट मैटीरियल से तैयार किया गया क्रिएटिव पीस था। इसे बनाया था मलिहाबाद की रुचि द्विवेदी ने, जिन्होंने एलएमसी स्किल सेंटर से प्रशिक्षण लिया है। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ रुचि की सराहना की, बल्कि कहा ''यह सिर्फ डिजाइन नहीं, युवाओं के हुनर और सोच की उड़ान है। कौशल के क्षेत्र में ये नवाचार मिसाल बनेंगे।'' इसके अलावा प्रदर्शनी में कचरे से बनी चीजों ने भी तारीफें बटोरीं।
वेस्ट से वंडर तक की कहानी
रुचि ने बताया कि उनके स्टॉल पर पुराने गद्दे, कपड़ों और खराब सामान से तैयार कई उपयोगी चीजें प्रदर्शित की गई हैं जो न सिर्फ पर्यावरण को बचाती हैं, बल्कि रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी कारगर हैं।
मिनी तोप से मिसाइल मॉडल तक
इसी प्रदर्शनी में अलीगंज स्थित आईटीओटी से प्रशिक्षित प्रकाश कुशवाहा ने पुराने लोहे के औजारों को जोड़कर एक मिनी तोप तैयार की है। यही नहीं, ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल भी वहां लोगों का ध्यान खींच रहा था। मुख्यमंत्री ने इन मॉडलों को सराहा और कहा कि युवाओं की यह कल्पनाशीलता तकनीक और परंपरा को जोड़ रही है।
पवन ऊर्जा के मॉडल भी खास आकर्षण बने
प्रदर्शनी में पवन ऊर्जा के मॉडल भी खास आकर्षण बने। राजकीय, निजी आईटीआई, आईटीओटी और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों के युवाओं ने मिलकर पवनचक्की और ऊर्जा के कई इनोवेटिव मॉडल पेश किए। संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार ने बताया कि यह प्रदर्शनी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं की सोच, विज्ञान और समाज के प्रति जिम्मेदारी का आईना है।