उधर, बुलंदशहर में डॉ. केएन तिवारी को हटाकर डॉ. भवतोष शंखधर को सीएमओ की जिम्मेदारी दी गई थी। इसी तरह कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों का काबू न कर पाने के कारण आगरा के सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स और अपर निदेशक मंडल पर भी गाज गिरी थी। दोनों ही अधिकारी 30 जून को सेवानिवृत्त हो रहे थे।
उन्हें सेवानिवृति तक पद पर रखने के लिए डॉ. आरसी पांडेय को सीएमओ कार्यालय में ओएसडी और डॉ. अविनाश कुमार सिंह को अपर निदेशक मंडल कार्यालय में ओएसडी बनाया गया था। लेकिन आगरा में बेकाबू संक्रमण के चलते शासन ने आनन-फानन में अधिकारियों के पदों पर फेरबदल कर दिया था।
शासन ने डॉ. आरसी पांडेय को आगरा के सीएमओ के पद पर तैनात किया था। वहीं अपर निदेशक आगरा मंडल के पद पर डॉ. अविनाश कुमार सिंह को तैनात किया था। डॉ. एसपी गौतम को शाहजहांपुर का सीएमओ नियुक्त किया था। वहां से डॉ. राजीव कुमार गुप्ता को हटाया गया। इसी तरह 17 जुलाई को कानपुर से डॉ. अशोक शुक्ला और बलिया से डॉ. प्रीतम कुमार मिश्रा को हटाया गया है।
कोरोना संक्रमण को नियंत्रित न कर पाने वाले सिद्धार्थनगर, बस्ती और गौतम बुद्ध नगर के सीएमएस भी बदले गए थे। शासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए ओएसडी तैनात करने की नई परिपाटी शुरू की थी। इसमें सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी की जगह लेने वाले चिकित्साधिकारी को पहले ही ओएसडी के रूप में जिलों में भेजा जा रहा था।
इससे वह पहले से ही वहां की कार्यशैली को समझ लें, लेकिन नतीजा अच्छा नहीं निकला। कई जिलों में सीएमओ की सेवानिवृत्ति से पहले ही ओएसडी को कार्यभार सौंपना पड़ गया।