मुख्यमंत्री ने उन्होंने कहा कि सड़क इंजीनियरिंग की कमियां, खराब साइनेज, अव्यवस्थित कट, अंधे मोड़ और अनुचित स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं को बढ़ाते हैं। लोक निर्माण विभाग तथा अन्य एजेंसियां समयबद्ध ढंग से सुधार कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर ही बनाए जाएं और सभी सड़कों का नियमित रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं और स्कूल वाहनों की फिटनेस की विशेष जांच कराने के निर्देश दिए।
ज्यादा हादसे वाले जिलों में बनेगी विशेष कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने वर्ष में सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले शीर्ष स्थान वाले जिलों हरदोई, प्रयागराज, आगरा और कानपुर के डीएम से संवाद कर जरूरी निर्देश दिए। इन जिलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर सख्ती से पालन पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने हाइवे और एक्सप्रेसवे के किनारे लंबे समय तक खड़े वाहनों, डग्गामार वाहनों और ट्रकों को गंभीर दुर्घटना का कारण बताते हुए इनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।