मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सीमा विस्तार के साथ ही जेपीएनआईएसी को लखनऊ विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 के प्रारूप सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने लखनऊ इंटरनेशनल एक्जीबिशन-कम-कंवेंशन सेंटर को दो साल में पूरा करने के निर्देश दिए। यह 900 करोड़ की लागत से 32.50 एकड़ भूमि पर बनेगा। मुख्यमंत्री ने लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जिलों को समाहित करते हुए 27826 वर्ग किमी में बनने वाले एससीआर की डीपीआर जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री को बताया गया कि शहरी विस्तार, नए शहर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मंजूर परियोजनाओं को जून से दिसंबर 2025 तक लांच किया जाएगा। झांसी, बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा (ककुआ), कानपुर (न्यू कानपुर सिटी योजना), मथुरा (ट्रांसपोर्ट नगर), मुरादाबाद (डिडौसी), बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ और लखनऊ इसमें शामिल है। प्रदेश के 59 शहरों का मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। इसमें 42 का पास हो चुका है। झांसी, मैनपुरी, फर्रुखाबाद-फतेहगढ़ व बहराइच को इसी माह मंजूरी देने का निर्देश दिया गया। पीपीपी मॉडल पर बनने वाली प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष आवासीय योजनाएं और ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणीकरण, सोलर रूफटॉप सिस्टम, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग व अपशिष्ट प्रबंधन को अनिवार्य शहरी मानक के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। यूपी आवास एप और रेरा पोर्टल को और अधिक पारदर्शी बनाने को कहा।