पिछली सरकारों के एजेंडे में कभी गरीब थे ही नहीं। इसी कारण प्रदेश के 1556 गांव के लोग आजादी के 70 साल बाद भी अपने मूलभूत अधिकारों से वंचित रहे। यह बात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही।
वह शुक्रवार को मनकापुर व गौरा विधानसभा के मध्य टिकरी वन क्षेत्र में बसे चार वन टांगियां गांवों को राजस्व गांव घोषित करने आए थे। उन्होंने कहा कि बसपा ने ही किसानों की मिट्टी पर रायल्टी लगाया था।
अशरफाबाद में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास के बाद घोषणाओं की बारिश की। उन्होंने गरीब परिवारों को योजनाओं से वंचित रहने के लिए गैर भाजपाई दलों पर सवाल उठाए।
योगी ने कहा कि 2014 में केंद्र में जब मोदी प्रधानमंत्री बने और जनता ने उन्हें यूपी की बागडोर सौंपी तो गरीब, वंचित, शोषित को आगे बढ़ाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी को 70 साल हो गए लेकिन प्रदेश के 1556 गांव के लोग अधिकारों से वंचित रहे।
इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस, सपा व बसपा जिम्मेदार है। कहा कि कांग्रेस, सपा व बसपा के एजेंडे में कभी गरीब रहे ही नहीं। यही कारण है कि वन क्षेत्रों में वनो की सुरक्षा, संरक्षा करने वाले मजदूरों को न वोट का अधिकार मिला।
न आवास, न पेंशन न उनका राशन कार्ड बना। शिक्षा व स्वास्थ्य से उन्हें दूर रखा गया। खानाबदोश की जिंदगी जीने को मजबूर किया गया।
सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार ने वन ग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा देने का काम शुरू किया गया। अशरफाबाद, रामगढ़, कटहर बुटहनी व मनीपुर ग्रंट को लेकर अब तक 27 गांवों को राजस्व गांव घोषित किया जा चुका है।
केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही 65 वन ग्राम हैं। धीरे-धीरे सभी वन ग्रामों को राजस्व गांव बनाकर सभी सुख सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। सभी के घर शौचालय, पक्का मकान, पढ़ने के लिए सकूल, चिकित्सा सुविधा के लिए स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
सीएम ने बसपा पर प्रहार करते हुए कहा कि वर्ष 2007 में बसपा ने किसानों के जमीन की मिट्टी निकालने पर रायल्टी लगा दी। लेकिन उनकी सरकार ने किसानों को उनके खेत से मिट्टी निकालने की छूट दे दी और रायल्टी समाप्त कर दी।