उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आज बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। उन्होंने पीलीभीत, लखीमपुर खीरी व सीतापुर के बाढ़ से प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। सीएम ने कहा कि बाढ़ के दौरान जिन लोगों की भी झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हों उनकी सूची बनाकर तत्काल शासन को भेजें।
प्रदेश सरकार बाढ़ के स्थायी निदान को करने के प्रयास कर रही है परन्तु इस समय कही अधिक जरूरत बाढ़ प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री शुद्ध पेय जल स्वास्थ्य एवं सुरक्षित स्थान पर पहुचाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा प्रशासन जनप्रतिनिधयों के साथ मिलकर प्रशासन राहत संबंधी कार्यवाही करें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राहत के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था है धन की कमी आड़े नहीं आएगी।
मुख्यमंत्री ने 30 बाढ़ पीड़तों को आवसीय भूमि पट्टे तथा बाढ़ राहत सामग्री आवंटित की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवासों का आवंटन, प्रमाणपत्र तथा कुछ बाढ़ पीड़तों को सहायता राशि की चेकें दीं। सीएम ने बाढ़ क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया।
वहीं सीएम रेउसा कस्बे के मारूबेहड़ इलाके में बाढ़ ग्रस्त इलाके का दौरा करने पहुंचे। उनके कार्यक्रम के बाद लौट रहे लोगों से भरी नाव बाढ़ के पानी में पलट गई। नाव में करीब छह लोग बैठे थे। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
बता दें कि बीते 14 अगस्त को सीएम गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच और बारांबकी के दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को अपने हाथों से राहत सामग्री और चेक दिए थे। इस दौरान उन्होंने एक बाढ़ पीड़ित को थप्पड़ मारने वाले तहसीलदार को भी सस्पेंड कर दिया था।