यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद सीएम योगी ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने कहा, ये मामला 22 करोड़ लोगों की भावना से जुड़ा है।
सीएम ने खुद इस बात की पुष्टि की कि विधानसभा सत्र के बाद चेकिंग के दौरान नेता प्रतिपक्ष की सीट के बाद तीसरी सीट पर पुड़िया में कुछ पदार्थ मिला। इसे चेकिंग के लिए भेजा गया तो ये शक्तिशाली विस्फोटक निकला जो संभवता पीईटीएन है।
बता दें कि पीईटीएन का प्रयोग इससे पहले भी कई आतंकी गतिविधियों में किया जा चुका है। सीएम ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नहीं बल्कि सभी की भागीदारी होनी चाहिए। उन्होंने कुछ प्रस्ताव रखे और कहा कि सर्वसम्मति से इन्हें लागू करने में सहयोग करें। सीएम ने ये प्रस्ताव रखे...
सभी कर्मियों का पुलिस वेरीफिकेशन हो।
पूरे प्रकरण की जांच एनआईए से हो।
सिक्योरिटी के लिए नई गाइडलाइन जारी हो।
विधायक विधानसभा के अंदर सिर्फ पेपर-पैड और पेन लेकर आएं।
विधानसभा कार्यवाही के दौरान मोबाइल फोन न लाएं या साइलेंट मोड पर
रखें।
बिना पास के न हो किसी की एंट्री।
सभी सदस्यों की फिजिकल तलाशी होनी जरूरी है, इसमें सहयोग करें।
सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि सामूहिक है।
सदन के बाहर बैग रखने की व्यवस्था की जाएगी।