मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिजर्व बैंक व केंद्रीय मंत्रियों द्वारा किसानों की कर्जमाफी पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बीच बुधवार को बैंकों के आला अफसरों को सामने बैठाकर किसानों की कर्जमाफी की साफ-साफ वजह बताई।
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उन्होंने बैंकर्स को दो टूक समझाया कि यदि कर्जमाफी न की जाती तो कृषि क्षेत्र की उत्पादकता पर असर पड़ना निश्चित था जो प्रदेश के विकास की गति को रोक देता।मुख्यमंत्री बुधवार को योजना भवन में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
योगी ने किसानों की कर्जमाफी के निर्णय को जरूरी बताते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 78 फीसदी जनसंख्या गांवों में रहती है। इनमें अधिकतर खेती पर निर्भर हैं।प्रदेश में किसानों की कुल संख्या का लगभग 93 फीसदी लघु व सीमांत किसानहैं। इससे साफ है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था काफी हद तक लघु एवं सीमांत कृषकों पर निर्भर है।
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पिछले वर्षों में दैवी आपदाओं, सूखा, बाढ़ तथा ओलावृष्टि का सर्वाधिक असर इन किसानों को ही झेलना पड़ा है। इसकी वजह से ये बैंकों से लिए गए फ सली ऋण की अदायगी भी नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसे में किसानों के सूदखोरों व साहूकारों के मकड़जाल में फंसने की प्रबल संभावना है। लघु एवं सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने व उन्हें फिर से मुख्य धारा में वापस लाने के लिए ही सरकार ने एक लाख रुपये तक के फ सली ऋ ण को माफ करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।
सीएम योगी
- फोटो : amar ujala
इससे इस दायरे में आने वाले किसान भी फिर से बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। बैंकों ने इन्हें फ सली ऋ ण देना भी बंद कर दिया था। मुख्यमंत्री ने बैंक अधिकारियों को एक बार फिर निर्देश दिए हैं कि वे कर्जमाफी योजना से लाभान्वित होने वाले किसानों को ऋण अदायगी के लिए न तो कोई नोटिस जारी करें और न ही उनकेखिलाफ कोई कार्रवाई करें।
बजट पास होते ही लघु व सीमांत किसानों की फसल ऋण माफी के समतुल्य रकम बैंकों को उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने शिविर लगाकर किसानों को कर्जमाफी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
साथ ही योजना में पारदर्शिता के लिए किसानों के बैंक खातों को आधार से लिंक कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि अगस्त के पहले सप्ताह से कैंप लगाकर कर्जमाफी के प्रमाण पत्र बांटने की योजना है।
बैठक को वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त अनूपचंद्र पांडेय, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक अजय कुमार, बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक पीएस जयकुमार ने भी संबोधित किया।
10 प्रतिशत करेंगे विकास दर
सीएम योगी
- फोटो : amar ujala
2 लाख करोड़ की वार्षिक ऋण योजना पर मुहर
मुख्यमंत्री ने बैंकों की वार्षिक ऋ ण योजना 2017-18 का लोकार्पण भी किया। बैंकों को करीब 2 लाख करोड़ के ऋण वितरण का लक्ष्य दिया गया है। इसमें कृषि, सेवा व उद्योग क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने प्रदेश सरकार की लघु व सीमांत किसानों के उन्नयन व सतत विकास के लिए फसल ऋण मोचन योजना पुस्तिका का विमोचन भी किया।
ग्रामीण क्षेत्रों में नई बैंक शाखाएं खुलेंगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के ग्र्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक बैंक शाखाएं खोलना जरूरी है। उन्होंने बैंकों को प्रदेश में अधिकाधिक बैंकिंग आउटलेट खोलने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार बैंकों व बैंकर्स की सुरक्षा के लिए संवेदनशील है।डीजी संस्थागत वित्त व डीजीपी मिलकर बैंकों की सुरक्षा की कार्ययोजना बनाएंगे।
10 प्रतिशत करेंगे प्रदेश की विकास दर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद यूपी विकास के इंडेक्स में पिछड़ा है। उनकी सरकार ने उपलब्ध संसाधनों को तेजी से बढ़ाते हुए प्रदेश की विकास दर को 10 प्रतिशत तक प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
बैंक अफसरों को समझाते सीएम योगी
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पूर्वांचल में अधिक ऋण बाटें बैंक
मुख्यमंत्री ने बैंकों के ऋ ण-जमानुपात में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मार्च तक लगभग 9 फीसदी की गिरावट पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 जिले ऐसे हैं जिनका ऋ ण-जमानुपात 40 प्रतिशत से भी कम है। इनमें अधिकतर पूर्वांचल के जिले हैं। उन्हाेंने कहा कि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक ऋ ण वितरित किए जाएं।
हरसाल 32 हजार उद्यमी करें तैयार
मुख्यमंत्री ने बैंकों को स्टैंड-अप इंडिया के अंतर्गत प्रति शाखा दो लाभार्थी, एक अनुसूचित जाति-जनजाति व एक महिला लाभार्थी को ऋ ण देने का निर्देश दिया। इससे हर साल 32 हजार नए उद्यमी प्रदेश में तैयार होंगे।