उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है, यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है। इसकी तुलना किसी मत मजहब और संप्रदाय से नहीं हो सकती। सनातन की परंपरा आकाश के भी ऊंची है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 10 वर्षों में जो प्रगति की है, महाकुंभ इसका सशक्त माध्यम बनेगा। यह भारत की समृद्धि, विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रमाण है। विदेशी जूठन खाने वाले लोग हमें बदनाम करने में लगे हैं। देश में जातिवाद का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं। लेकिन, देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है।
सीएम ने कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड। हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है। एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है। जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी। गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे।
सीएम ने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि अगर भारत को समझना है, तो राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को पढ़ो। जो नेता लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने इनकी बातों को कभी नहीं समझा। जो लोग अयोध्या के विकास का विरोध कर रहे थे, उन्हें वहां जाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
सीएम ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है। वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ। हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की। यहां दंगाइयों को सख्त संदेश दिया। यदि कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है।