सीएम अपने दौरों के माध्यम से प्रदेश पर नजर बनाए हुए हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूखे सी स्थिति (अल्पवृष्टि) के मद्देनजर उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बरसात कम हो या ज्यादा, किसानों चिंतित न हों, सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर हाल में नहरों की टेल तक पानी पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने सिंचाई और बिजली विभाग को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के कुछ हिस्सों को छोड़कर ज्यादातर जिलों में गत वर्ष की तरह इस बार भी बारिश असामान्य है। ऐसे में किसानों की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाए। प्रदेश के सभी किसानों के खेत में हर हाल में पानी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए नदियों को चैनेलाइज करते हुए उनके पानी को नहरों में पहुंचाने की व्यवस्था करें। नहरों की सुरक्षा के लिए पुलिस पेट्रोलिंग करे, ये सुनिश्चित किया जाए कि बीच मे कोई नहरों को काटने न पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पवृष्टि के प्रभावों का सर्वे कराकर सटीक आंकलन किया जाए। जलाशयों में जमी सिल्ट की सफाई कराई जाए। अल्प वृष्टि में किसानों को अन्य वैकल्पिक फसलों की बोआई के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नलकूपों और पंप कैनाल को पर्याप्त बिजली मिले। उन्होंने कहा कि अल्प वृष्टि की हर 15 दिन पर रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजी जाए। निजी ट्यूबवेल संचालकों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रेरित करें। बैठक में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बोआई की स्थिति रखी।