मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में नौकरी पाने के लिए अब सिफारिश की जरूरत नहीं पड़ती है। भर्ती में आवेदन, परीक्षा से लेकर परिणाम तक किसी सिफारिश या अनैतिक दबाव की आपको जरूरत नहीं पड़ी होगी। हमने सिर्फ योग्यता का सम्मान किया है। प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित बनाया है।
सीएम बृहस्पतिवार को लोकभवन में आयुष, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास तथा दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के 481 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले नौ साल में सरकार ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। अब तक 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। कोई सोचता भी नहीं था कि यूपी में नियुक्ति निष्पक्ष तरीके से होगी। हमने अलग-अलग आयोग को जवाबदेही के साथ काम दिया है। इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु आदि उपस्थित थे।
आयुष से लाए जा सकते हैं चमत्कार
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष हेल्थ टूरिज्म को आकर्षित करने की सबसे बड़ी क्षमता रखता है। इसके माध्यम से चमत्कार लाए जा सकते हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को गांव-गांव में और बेहतर बनाना है। आज नियुक्ति पत्र प्राप्त कर रहे 202 शिक्षक, चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स विभाग को और गति देंगे। सीएम ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग बड़ा और महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। यूपी में लगातार हो रहे निवेश से उद्योगों की मांग के अनुरूप स्किल्ड मैनपॉवर उपलब्ध कराना विभाग व इसके अनुदेशकों की जिम्मेदारी है।
हर दिव्यांगजन में प्रतिभा, सही प्लेटफॉर्म चाहिए
सीएम ने कानपुर की एक बच्ची का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी कारण से दिव्यांगता का शिकार हो सकता है। हमारे मन में उनके प्रति संवेदना होनी चाहिए। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। पेंशन सुविधा दी, दो दिव्यांगजन विश्वविद्यालय स्थापित किए, हर कमिश्नरी मुख्यालय पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष केंद्र खोले गए और बंद पड़े जिला पुनर्वास केंद्र को पुनः चालू किया।