लखनऊ के एक बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों ने दो साल की बच्ची के पेट से डेढ़ किलो का दुर्लभ ट्यूमर सफल ऑपरेशन से निकाला। ट्यूमर आंत और गुर्दे पर दबाव बना रहा था, जिससे बच्ची को दर्द, उल्टी और अपच की समस्या थी। ऑपरेशन के बाद बच्ची स्वस्थ होकर घर भेज दी गई।
केजीएमयू के डॉक्टरों ने दो साल की बच्ची के पेट से दुलर्भ ट्यूमर निकालकर उसे नई जिंदगी दी है। दस किलो की बच्ची के पेट में डेढ़ किलो का ट्यूमर पनप आा था। ट्यूमर बच्ची की आंत, गुर्दे पर दबाव बना रहा था। जिससे उसे पाचन समेत दूसरी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था। ऑपरेशन के बाद बच्ची स्वस्थ है। बृहस्पतिवार को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
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बस्ती के काबरा स्थित मुंडेरवा गांव निवासी शिवम की दो वर्षीय बेटी अंशिका काफी समय से पेट दर्द से परेशान थी। परिजनों ने बच्ची को कई स्थानीय अस्पतालों में दिखाया। मगर कोई राहत नहीं मिली। शुरूआत में परिजनों को लगा कि यह खानपान या दूध पीने की वजह से समय के साथ पेट और बढ़ने लगा। बीते दो माह से बच्ची को लगातार पेट दर्द, भूख कम लगना, उल्टी और अपच की शिकायत होने लगी।
जानें डॉक्टरों ने क्या कहा
डॉक्टर की सलाह पर परिवारीजनों ने अल्ट्रासाउंड जांच कराई। जिसमें पेट में ट्यूमर का पता चला। परिवारीजन बच्ची को लेकर केजीएमयू पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग पहुंचे। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. जेडी रावत व डॉ. आनंद पांडे के निर्देशन में बच्ची की जांच कराई गई। सीटी स्कैन में पता चला कि उसके पेट में लिपोब्लास्टोमा नाम का दुर्लभ ट्यूमर है।
डॉ. जेडी रावत ने बच्ची के पेट का ऑपरेशन करने का फैसला किया। परिवारीजन ऑपरेशन को राजी हो गए। 27 अप्रैल को बच्ची को भर्ती कर लिया गया। ऑपरेशन कर बच्ची के पेट से करीब डेढ़ किलो का ट्यूमर निकाला गया। ट्यूमर आंतों, दाहिने गुर्दे और आसपास की संरचनाओं को दबा रहा था।
ये हैं ऑपरेशन टीम के सदस्य
डॉ. जेडी रावत, डॉ. आनंद पांडे, डॉ. राहुल राय, डॉ. कौशल कुलकर्णी और डॉ. कृति पटेल की टीम ने सफल ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. सतीश वर्मा ने किया।