वहीं विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए सीएम ने कहा कि जिनकी सोच नकारात्मक है, उनसे सकारात्मकता की उम्मीद करना बेकार है। उन्होंने आजादी के बाद कांग्रेस और सपा के शासनकाल में कुंभ की अव्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 1954 में एक हजार से अधिक मौतें हुईं थी, तो 2007 में प्राकृतिक आपदा ने जन-धन की हानि की। वहीं 2013 में मॉरिशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री ने संगम की गंदगी देखकर आंसू बहाए थे। पिछली सरकारों ने कुंभ को अव्यवस्था और गंदगी का अड्डा बना दिया था। आज वही लोग हमारे स्वच्छ महाकुंभ पर सवाल उठा रहे हैं। जनता ने महाकुंभ में आकर विपक्ष को सबक सिखा दिया। मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ से अधिक भीड़ के बीच कुछ लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई। प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही कर अखाड़ों और संतों से बातचीत करके अमृत स्नान को दोपहर तक स्थगित कर दिया। संतों ने व्यापक जनहित में परंपरा को बाधित किए बिना सहयोग दिया।
औरंगजेब को आदर्श मानने वालों को लताड़ा
औरंगजेब को आदर्श मानने वालों पर तीखा हमला करते हुए योगी ने कहा कि यह मानसिक विकृति का परिणाम है। शाहजहां की पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि औरंगजेब ने अपने पिता को कैद कर एक बूंद पानी के लिए तरसाया और भाई को मार डाला। जो औरंगजेब को पसंद करते हैं, वे अपने बच्चों का नाम औरंगजेब रखें और उसके अत्याचार भोगने को तैयार रहें। इस तरह की बात करने वाले भारत के नायकों का अपमान कर रहे हैं। संभल का उल्लेख करते हुए कहा कि 5000 साल पुराने पुराणों में इसका वर्णन है। जो इतिहास छिपाते हैं, उन्हें पुराण पढ़ने चाहिए।