सीएम ने बताया कि इन लोगों ने मतदान करना शुरू किया। 2022 और 2024 के चुनाव में भी हजारों लोग पहली बार वोटर बने। अब हर गांव में सड़क है, हर घर में बिजली है, सभी को मकान मिले हैं। आंगनबाड़ी केंद्र खुले हैं, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र बन रहे हैं। राशन, आयुष्मान योजना, पेंशन समेत हर सुविधा इन तक पहुंच चुकी है।
सेवा न्यास और महंत अवैद्यनाथ जी को बताया प्रेरणा स्रोत
सीएम योगी ने कहा, हमें आभार प्रकट करना चाहिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का, नानाजी देशमुख जी और अपने पूज्य गुरुदेव महंत अवैद्यनाथ का। उन्होंने बच्चों के लिए छात्रावास और स्कूल की व्यवस्था कराई। उन्होंने कहा, नेपाल में माओवादी और मधेशियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ तो मैंने हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारी से हालात की जानकारी ली थी। तब समझ में आया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में संघ और उससे जुड़ी संस्थाएं कैसे काम कर रही हैं।
सेवा यात्रा से स्वास्थ्य जागरूकता में क्रांतिकारी बदलाव
सीएम ने बताया कि यह यात्रा कोरोना महामारी के दौरान भी जारी रही। इंसेफेलाइटिस, चर्म रोग, टीबी जैसी बीमारियों के लिए वहां लोगों को न दवा मिलती थी, न जानकारी। हमने डाटा जुटाया, रात-रात रुक कर स्वास्थ्य सेवाएं दीं, पौष्टिक आहार की व्यवस्था कराई। अब लोग बेहतर जीवन जी रहे हैं, उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
कार्यकर्ताओं का सम्मान, भविष्य का संकल्प
समारोह के अंत में सीएम योगी ने यात्रा से जुड़े सभी स्वयंसेवकों, पदाधिकारियों और सेवा न्यास को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह यात्रा केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकात्मता की यात्रा है। यह हमें जगतगुरु शंकराचार्य की याद दिलाती है। जब यात्राओं के माध्यम से जनजागरण का कार्य हुआ करता था। आज यह कार्य भारत-नेपाल सीमा पर हो रहा है। यह यात्रा चलती रहनी चाहिए और सबका अभिनंदन होना चाहिए।