निर्माणाधीन जेवर एयरपोर्ट का निरीक्षण करते सीएम योगी। फाइल फोटो।
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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फेज-3 के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। इससे उत्तर प्रदेश एयर कार्गो हब के रूप में विकसित होगा इसलिए इसके आगामी चरणों की तैयारी समय रहते सुनिश्चित की जाए। बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट के प्रथम चरण के संचालन से प्रतिवर्ष एक करोड़ से अधिक यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ग्रेटर नोएडा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की कार्यवाही को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के निर्माण आदि के लिए भारत सरकार के सम्बंधित मंत्रालयों से निरंतर संवाद बनाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और समग्र शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 75 जनपदों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल स्थापित किए जाने हैं, जिनमें आधुनिक कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशालाएं, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, खेल एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों के लिए समुचित अवसंरचना विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मॉडल स्कूलों की स्थापना से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाए तथा जिन जनपदों में अब तक भूमि का चयन नहीं हो पाया है, वहां स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तत्काल भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि योजना को निर्धारित समयसीमा में धरातल पर उतारा जा सके। विशेष बैठक में चिल्ला एलिवेटेड फ्लाईओवर के कार्यों में भी तेजी की जरूरत बताई।
महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर और बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर-संतकबीरनगर रेल लाइन कनेक्टिविटी के विस्तार पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर नई रेल लाइन परियोजना सीमावर्ती और आकांक्षात्मक जिलों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।