सीएम ने कहा कि जिन मामलों में भूमि का आवंटन गर्वनमेंट ग्रांट एक्ट के तहत हुआ था, उसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान विधिक ढांचे में नए विकल्प तलाशे जाएं, क्योंकि यह अधिनियम 2018 में निरस्त हो चुका है। इसे केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, मानवता और राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए। भूमि नहीं है तो वैकल्पिक भूमि दी जाएगी।