वहीं रक्षामंत्री ने यूपी डिफेंस कॉरिडोर को भारत के रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ये सभी नोड्स भविष्य में विकास के नए केंद्र बनकर उभरेंगे। डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से कानपुर और अन्य नोड्स को फिर से विकास की ऊंचाइयों तक जाएंगे। कल वेस्ट में कोई शहर बहुत अधिक प्रगति करेगा तो उसे 'कानपुर ऑफ दि वेस्ट' कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर में विमान निर्माण, यूएवी, ड्रोन्स, गोला-बारूद, कंपोजिट सामग्री, छोटे हथियार, टेक्स्टाइल और पैराशूट जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश किए गए हैं। लखनऊ में पीटीसी इंडस्ट्रीज द्वारा टाइटेनियम और सुपर अलॉय सामग्री संयंत्र की शुरुआत की जा रही है। सात अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की नींव रखी गई है। यूपी में प्रयाग अपने संगम के लिए दुनिया में जाना जाता है, वैसे ही लखनऊ तकनीकी के संगम के रूप में स्थापित होने जा रहा है।