सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अंदर डिफेंस कॉरिडोर के जो 6 नोड विकसित हो रहे हैं इन पर हमारा कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे पहले हमने कानपुर में रक्षा सेनाओं के लिए गोला बारुद के उत्पादन केंद्र का शुभारंभ किया था। अब उसके विस्तार के लिए भी भूमि की मांग हो रही है। लखनऊ में भी ब्रह्मोस को जैसे ही 200 एकड़ भूमि दी गई तो पीटीसी भी यहां पर आया है। पीटीसी ने न केवल ब्रह्मोस के लिए बल्कि एयरोस्पेस से जुड़े अनेक कार्यों के लिए एक एंकर यूनिट के रूप में उत्पादन कार्य प्रारंभ किया है। यहां ब्रह्मोस से जुड़ी हुई लगभग 7 एंकर यूनिट लग रही हैं। उन्होंने कहा कि 2013-14 में भारत का जो रक्षा उत्पादन था आज हम उससे कई सौ गुना ज्यादा उत्पादन और निर्यात कर रहे हैं। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ दुनिया के तमाम मित्र देशों को रक्षा सामग्री निर्यात करके उनकी सुरक्षा की आवश्यकताओं की पूर्ति का भी काम कर रहे हैं।
डिफेंस कंपनियों से जुड़ रहे स्थानीय युवा
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो हमारा लक्ष्य था कि 6 डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर में हमें 50,000 करोड़ रुपए के निवेश कराने हैं, एक लाख युवाओं को रोजगार भी देना है। अब तक हमारे साथ डिफेंस एक्सपो के साथ ही देश और दुनिया के अलग-अलग भागों से 57 एमओयू हो चुके हैं जिनके माध्यम से करीब 30 हजार करोड़ के निवेश सिर्फ डिफेंस सेक्टर से ही होने जा रहे हैं। लगभग 60 हजार नौजवानों को हम लोग नौकरी के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
ब्रह्मोस, पीटीसी, डीआरडीओ, एलएंडटी और सभी इकाइयों को धन्यवाद दूंगा, जो स्थानीय स्तर के नौजवानों को प्रशिक्षित करके रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले जिस राज्य में नौकरी नहीं होती थी, पलायन होता था, आज वहां पर निवेश भी हो रहा है आज वहां पर एमएसएमई यूनिट एक एंकर यूनिट के रूप में बेस तैयार कर रहा है।
आज यूपी में व्यक्ति भी सुरक्षित और पूंजी भी सुरक्षित
पहले कंपनियों को यहां आने में समस्या होती थी क्योंकि पॉलिसी नहीं थी, सुरक्षा का अभाव था। जब व्यक्ति ही सुरक्षित नहीं तो पूंजी कहां सुरक्षित रहने वाली है। आज व्यक्ति भी सुरक्षित है, पूंजी भी सुरक्षित है और देश की सुरक्षा की आवश्यकता की पूर्ति के लिए भी हम मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज एक रिच इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे पास है। डीआरडीओ का केंद्र, ब्रह्मोस मिसाइल के साथ-साथ एंकर यूनिट के रूप में पीटीसी की उपस्थिति और अन्य महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन के लिए किए जाने वाले निवेश इस बात की गवाह है कि उत्तर प्रदेश इस दिशा में भारत की आवश्यकताओं की आपूर्ति करने के लिए पूरी मजबूती के साथ एक ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की रक्षा उत्पादन की आत्मनिर्भरता में अपना योगदान देने में पूरी मजबूती के साथ खड़ा है। यहां पर अभी डीआरडीओ को या फिर ब्रह्मोस जैसे रक्षा उत्पादन से जुड़े अन्य कार्यक्रमों के लिए जितनी भी भूमि की आवश्यकता पड़ेगी, उत्तर प्रदेश सरकार पहले की तरह इसमें भरपूर मदद करेगी। इस अवसर पर दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, सांसद ब्रजलाल, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह समेत डीआरडीओ, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, पीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।