सीएम ने कहा कि धार्मिक लिहाज से महत्वपूर्ण मार्गों पर अच्छी सड़कें हों। प्रत्येक जिले के सिख, बौद्ध, जैन, वाल्मीकि, रविदासी, कबीरपंथी सहित सभी पंथों व संप्रदायों के धार्मिक, एतिहासिक व पौराणिक महत्व के स्थलों को जोड़ा जाए। मार्ग का चयन मानक के अनुरूप ही हो। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर धर्मार्थ कार्य विभाग और संबंधित जिलाधिकारी के सहयोग से इसे समय से पूरा कराएं।
तीन छोटे पुलों के निर्माण की योजना
योगी ने कहा कि सड़क निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखें। गैर जरूरी ढंग से पेड़ नहीं कटने चाहिए। देवरिया-बरहज मार्ग का सुदृढ़ीकरण किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के प्रस्ताव भी मांगे। औद्योगिक क्षेत्रों तक आने-जाने के लिए चयनित मार्गों को यथासंभव फोर लेन मार्ग से जोड़ा जाना चाहिए। सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख जिला मार्गों को न्यूनतम दो-लेन (7 मीटर) और अन्य जिला मार्गों को न्यूनतम डेढ़-लेन (5.50 मीटर) चौडाई में निर्माण कराया जाए। हर विधानसभा क्षेत्र में जरूरत के अनुसार 3 लघु सेतुओं के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाए।
ये भी दिए निर्देश
- जहां भी दीर्घ सेतु क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें तत्काल ठीक कराया जाए।
- रेल ओवरब्रिज/रेल अंडरब्रिज से जुड़े प्रस्तावों को तत्काल केंद्र सरकार को भेजें।
- शहरों की घनी आबादी को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बाईपास, रिंगरोड व फ्लाईओवर निर्माण कराया जाना चाहिए।
- जहां आबादी 250 से अधिक हो, वहां तक संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए।