जन-सुनवाई पोर्टल पर की जाने वाली शिकायतों के निस्तारण में सुस्ती का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव (सीएम) एसपी गोयल ने उन विभागों की खासतौर से अलग-अलग समीक्षा की शुरुआत की है जिनमें समय से शिकायतों का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। 21 जून को वित्त विभाग केडिफॉल्टर संदर्भों की समीक्षा होगी।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीएम के जन-सुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। लेकिन कई विभागों के अफसर न सिर्फ समय से शिकायतों का निस्तारण नहीं कर रहे हैं, बल्कि शिकायतों को देख तक नहीं रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पहले सबसे ज्यादा डिफॉल्टर संदर्भों वाले विभागों, जिनमें समय से कार्यवाही नहीं की जा रही है और ‘अनमार्क’ संदर्भों जिन्हें शिकायत आने पर खोलकर देखा तक नहीं गया, की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने ऐसे विभागों को चिह्नित कर समीक्षा का काम शुरू कर दिया है। 21 जून को वित्त विभाग की समीक्षा का कार्यक्रम तय होने के बाद वित्त विभाग में हरकत बढ़ गई है। सचिव वित्त अजय कुमार शुक्ला ने वित्त विभाग के सभी अनुभागों व निदेशालयों के अफसरों को बुलाकर डिफॉल्टर संदर्भों की समीक्षा की।
उन्होंने अफसरों को हिदायत दी है कि वे 19 जून तक हरहाल में डिफॉल्टर संदर्भों का निस्तारण कर आख्या पोर्टल पर अपलोड कराएं। अगर प्रमुख सचिव (सीएम) की समीक्षा के समय कोई डिफॉल्टर संदर्भ निस्तारण के लिए लंबित मिलेगा तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।