मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एसपी गोयल ने पेट्रोल पंप के लिए निजी जमीन से सरकारी जमीन की नियम विरुद्ध अदला-बदली की अनुमति न देने के मामले में पैसा मांगने का आरोप लगाने वाले अभिषेक गुप्ता के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने इसके लिए शासन से अनुमति मांगी है।
सूत्रों ने बताया कि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने कोर्ट में मानहानिका मामला दायर करने के लिए अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक को पत्र लिखा है। गोयल ने कहा, अभिषेक ने जानबूझकर, छवि खराब करने की नीयत और मानहानि के उद्देश्य से अनर्गल व मिथ्या आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी प्रशासनिक सेवा में स्पष्ट, पारदर्शी, ईमानदार व उत्कृष्ट मापदंड पर काम करने का हवाला दिया है। गोयल ने कहा, पेट्रोल पंप मामले में भी सक्षम स्तर से नियमानुसार सही निर्णय हुआ। हर बार तय समय सीमा के अंदर पत्रावली निस्तारित हुई। इसके बावजूद जानबूझ कर मेरी छवि खराब करने की नीयत से झूठे व सनसनीखेज आरोप लगाए गए।
उन्होंने प्रकरण में शासकीय स्तर से निर्णय का हवाला देते हुए अपर मुख्य सचिव नियुक्ति से न्यायालय में अभिषेक गुप्ता व अन्य के खिलाफ मानहानि वाद दाखिल करने की अनुमति मांगी है। नियुक्ति विभाग ने इस बाबत गोयल का पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है। हालांकि, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक के बाहर होने की वजह से अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
यह था मामला
अभिषेक गुप्ता ने राज्यपाल को ई-मेल भेजकर शिकायत की थी कि 25 लाख रुपये न देने की वजह से प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री जमीन विनिमय की फाइल पर निर्णय नहीं कर रहे हैं। राज्यपाल ने इसे मुख्यमंत्री को भेज दिया। मामला मीडिया में आने के बाद सरकार और भाजपा संगठन, दोनों स्तर पर सक्रियता बढ़ी। सरकार ने मुख्य सचिव से फाइल निरस्त करने की जांच कराई तो निरस्त करने का फैसला सही पाया गया। उधर, भाजपा की ओर से अभिषेक पर विशेष सचिव मुख्यमंत्री शुभ्रांत शुक्ला को फोन कर भाजपा के संगठन मंत्री का नाम लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई जहां अभिषेक ने माफी मांग ली।