प्रदेश में काम करने वाली रियल एस्टेट कंपनियों के पंजीकरण के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने ‘रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी’ (रेरा) की वेबसाइट तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को इस वेबसाइट को लांच किया। इस दौरान सीएम ने कहा, बायर्स और बिल्डर्स के बीच में एक संवाद स्थापित हो और एक विश्वसनीयता स्थापित हो इसलिए इस एक्ट की आवश्यकता बहुत दिनों से थी। यूपी देश का सबसे बड़ा रहा है। इसलिए यहां स्वाभाविक रूप से उपभोक्ता भी ज्यादा हैं। लाभार्थियों के हितों को ध्यान रखते हुए पोर्टल लॉन्च किया गया है।
सीएम ने कहा, हमें जहां इस ओर कार्य करने वाले उनके हितों को संरक्षण देना है वहीं हमें उपभोक्ताओं के हितों को संरक्षण देने का काम करना है। उपभोक्ताओं ने बड़ी मात्रा में शिकायत मिली कि उन्होंने पैसा तो जमा किया पर आवास नहीं मिला। यहीं से विश्वसनीयता का संकट खड़ा हुआ। जब भी ऐसा होगा तो सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे विवादों को रोकने का काम करें। रेरा एक्ट से कंज्यूमर के हितों को संरक्षण मिलेगा। भारत सरकार की ये पहल सराहनीय है।
इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को भी सरकार प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री ने एक लक्ष्य रखा है कि 2022 तक सभी को रहने के लिए घर मिलेगा। ये ध्यान रखा जाएगा कि जिनके पास पहले से बड़ा भवन है उनका नाम लिस्ट में न आ जाए। ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा। सीएम ने कहा कि शहरों में स्लम एरिया में मल्टी स्टोरी भवन देकर लोगों को गंदगी से उबारा जा सकता है। इससे स्वच्छ भारत अभियान का लक्ष्य भी पूरा किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में तो हजारों हेक्टेयर जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा है, इस जमीन पर गरीबों को घर बनो जा सकते हैं।
इसके साथ ही रियल एस्टेट से जुड़ी परियोजनाओं का पंजीकरण भी शुरू हो जाएगा। 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के आवास पर वेबसाइट लांच करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।