ये शुभंकर होगा लखनऊ मेट्रो की नई पहचान।
- फोटो : amar ujala
उपलब्धि : एक साल में बंटोरे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवार्ड
रिकॉर्ड समय में मेट्रो का कॉमर्शियल रन शुरू करने और गुणवत्तापूर्ण काम के लिए लखनऊ मेट्रो को कई अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पुरस्कार मिले। इंटरनेशनल ब्रिटिश रॉयल सोसायटी फॉर द प्रिवेन्शन ऑफ एक्सीडेंट्स अवॉर्ड 2018 भी सुरक्षित मेट्रो संचालन के लिए मिला।
महिलाओं और दिव्यांगों को खास तरजीह
मेट्रो के एमडी कुमार केशव का कहना है कि हमने महिलाओं और दिव्यांगों के लिए मेट्रो को सुरक्षित बनाने पर काम किया इसके अलावा रात का उजाला (ट्रिब्यूट टू निर्भया) और नारी शक्ति (पावर एंजल्स-1090) जैसे कार्यक्रम के जरिए सुरक्षित लखनऊ की भी पहल की। 50 प्रतिशत भागीदारी महिला ट्रेन ऑपरटेरों की है। एलएमआरसी की दो महिला ट्रेन संचालकों को रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार मिल चुका है। इन दोनों महिला ट्रेन ड्राइवरों ने ही पहली मेट्रो चलाई थी।
एप के फायदे आप के लिए
- स्मार्ट कार्ड कर सकेंगे रिचार्ज
- किराया पता करने में कारगर
- लाइव ट्रेन अपडेट की सूचना
- राजधानी लखनऊ के बारे में जानकारी
मेट्रो केवल प्राथमिकता सेक्शन पर एक साल में चली। वहीं रेडलाइन के बाकी सेक्शन पर भी काम तेजी से पूरा हुआ। साल के अंत तक अमौसी से मुंशीपुलिया तक मेट्रो शुरू हो जाने की उम्मीद है। केडी सिंह बाबू स्टेडियम से मुंशीपुलिया के बीच 90 प्रतिशत तक सिविल वर्क पूरा हो चुका है।
वहीं भूमिगत सेक्शन में चारबाग से हजरतगंज तक 85 प्रतिशत सिविल वर्क हो चुका है। अब केवल यहां फिनिशिंग और स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं विकसित करने काम चल रहा है। पटरी बिछाने और इलेक्ट्रीफिकेशन भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
ब्लूलाइन पर भी जल्दी शुरू होगा काम पीआरओ अमित श्रीवास्तव का कहना है कि राज्य सरकार को ब्लूलाइन के लिए डीपीआर भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि चारबाग से बसंतकुंज तक के लिए मेट्रो को जल्द ही अनुमति मिल जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस
यह लखनऊ मेट्रो की सफलता ही है कि छिटपुट बाधाओं केअलावा कोई बड़ा हादसा संचालन के समय नहीं हुआ। सुरक्षा पर हमारा फोकस है। कंट्रोल सेंटर से छोटी से छोटी घटनाओं और बदलाव पर हम नजर रखते हैं। हमारी कोशिश है कि जल्दी लोगों को एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक यात्रा मेट्रो कराएगी। इसके लिए काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। - कुमार केशव, एमडी, लखनऊ मेट्रो