नए मंत्रियों के साथ बैठक करते सीएम योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया। मंत्रियों को ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार से दूर रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते सार्वजनिक जीवन से जुड़े दायित्वों एवं कार्यों में परिवार का किसी भी स्तर पर हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मंत्री निजी स्टाफ पर भी विशेष ध्यान देते हुए उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखें।
सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित अपने कार्यालय में नए और पुराने मंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि जनसेवा से बढ़कर धर्म और पुण्य का कोई कार्य नहीं है। प्रतिबद्धता और निष्ठा के साथ दायित्वों का निर्वहन करने से संतुष्टि मिलती है।
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सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता एवं ईमानदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। कार्यों को नीति एवं नियमों से संपादित किया जाए। समयबद्धता पर बल देते हुए कहा कि फाइलों का निस्तारण तीन दिन में किया जाए। किसी भी स्थिति में पत्रावलियां लंबित न रहें। सभी मंत्री समय से अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जरूरी काम निपटाएं। हमारी कार्य संस्कृति सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और पारदर्शिता का उदाहरण बननी चाहिए।