मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमए और नर्सिंग होम एसोसिएशन के चिकित्सकों द्वारा मण्डलायुक्तों, अपर निदेशक स्वास्थ्य तथा स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रत्येक जिले में कोविड व नॉन कोविड रोगियों के लिए टेलीकंसल्टेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि एक बार फिर इस आपदा के समय में सभी को धैर्यपूर्वक संक्रमण की चुनौती का सामना करना है।
यदि मरीज निजी अस्पताल के भुगतान में असमर्थ तो सरकार देगी
मुख्यमंत्री ने फिर दुहराया कि सभी कोविड संक्रमित गम्भीर मरीजों की देखभाल के लिए बेड्स उपलब्ध कराए जाएं। यदि सरकारी अस्पताल में बेड्स की व्यवस्था न हो पाए, तो निजी अस्पतालों में बेड्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि मरीज भुगतान करने में असमर्थ है, तो इसकी व्यवस्था राज्य सरकार करेगी।
सम्मानजनक अंतिम संस्कार के निर्देश जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड संक्रमित कोई भी मरीज इलाज से वंचित न हो। कोविड संक्रमित मरीज की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में उसके अन्तिम संस्कार की व्यवस्था प्रशासन की देखरेख में पूरे सम्मानजनक रूप से की जाए। इस सम्बन्ध में नगर विकास व पंचायतीराज विभाग को निर्देश दे दिए गए हैं।
प्रदेश में आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आवश्यकता के अनुसार ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। ऑक्सीजन का दुरुपयोग हर हाल में रोका जाए। उन्होंने बताया कि पिछले 4 वर्षों में प्रदेश में 3 दर्जन ऑक्सीजन प्लाण्ट्स की स्थापना की गई है। 39 चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन प्लाण्ट्स की स्थापना की कार्यवाही चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि। मीडिया में कोविड को परास्त करने वालों की सफलता की कहानियां प्रसारित-प्रचारित की जाएं। इनसे जनता जागरूक होगी और उसके अन्दर का भय समाप्त होगा।
वरिष्ठ चिकित्सक कोविड अस्पतालों में लें राउण्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सक कोविड अस्पतालों में राउण्ड लें। साफ-सफाई की व्यवस्था रहे। कोविड मरीज का मनोबल बढ़ाया जाए। डॉक्टर्स व पैरामेडिक्स तथा सफाई कर्मी स्वयं का बचाव करते हुए कोविड मरीजों की सेवा करें। डॉक्टर्स व पैरामेडिक्स के संक्रमित होने की स्थिति में प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध रहें, यह सुनिश्चित किया जाए। वेंटीलेटर और एचएफएनसी क्रियाशील रहें। उन्होंने कहा कि हर जिले में हेल्पलाइन की व्यवस्था है। इनमें प्रशिक्षित व संवेदनशील लोगों की ड्यूटी लगायी जाए।