लोकभवन में मीडियाकर्मियों से बातचीत में प्रमुख सचिव गृह व सूचना अवनीश अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में डोर टू डोर राशन, दूध और सब्जी का वितरण किया जा रहा है। डोर स्टेप डिलीवरी के लिए किराना की दुकानों की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में 8 हजार 833 प्राविजन स्टोर के माध्मम से 16 हजार 905 लोगों द्वारा आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की जा रही है। इसके साथ ही प्रदेश में 15 लाख 89 हजार लीटर दूध का उत्पादन हुआ और 8 हजार 552 गाड़ियों के माध्यम से 10 लाख 44 हजार लीटर दूध का वितरण किया गया है। दूध वितरण की व्यवस्था मजबूत हुई है। सरकारी डेयरी से दूध वितरण किया जा रहा है।
527 कम्युनिटी किचन शुरू, 1 लाख 37 हजार फूड पैकेट बांटे
इस दौरान लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए 527 कम्युनिटी किचन प्रदेश में चालू किए गए हैं। 1 लाख 37 हजार फूड पैकेट तैयार कर वितरित किए गए है। धार्मिक और सामाजिक संगठन भी इससे जुड़ रहे हैं। फूड पैकेट पुलिस के माध्यम से मुहैया कराएं जा रहे हैं। वाराणसी में मुसहर परिवारों में घर-घर जाकर राशन मुहैया कराया गया है। गांव-गांव राशन वितरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कोरोना के बचाव के लिए आवश्यकतानुसार वस्तुओं की खरीद के निर्देश दिए है। उन्होंने सफाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करने को कहा है। वहीं दूसरे राज्यों के मुख्य सचिव से उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी लगातार संपर्क में हैं।
अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 94 लाख 44 हजार 201 राशन कार्ड होल्डरों को खाद्य एवं रसद विभाग ने राशन का वितरण किया है। इसमें 70 लाख 96 हजार 415 निशुल्क श्रेणी के लाभार्थी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्प लाइन के माध्यम से 58 हजार 752 प्रधानों से फोन पर बात की गई है। 11 हजार 631 पार्षदों से भी संपर्क किया गया है। इस दौरान 11 हजार 912 समस्याओं का समाधान भी किया गया। लॉकडाउन के दौरान 4 हजार 642 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसमें 14 हजार 115 लोग शामिल हैं। 15 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। इस दौरान 4.66 लाख वाहनों की चेकिंग की गई है।
15 हजार आइसोलेशन बेड की क्षमता
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आठ प्रयोगशालाओं में लगातार परीक्षण हो रहा है। तीन प्रयोगशालाएं लखनऊ में हैं। कुल दो हजार 196 सैंपल लिए गए हैं। पांच हजार ले ज्यादा आइसोलेशन बेड तैयार हो चुके हैं। इसे बढ़ाकर 15 हजार बेड तक ले जाने की क्षमता है। प्राइवेट अस्पतालों ने भी ऑफर किया है कि जरूरत पड़ने पर वे अपने अस्पतालों को कोविड अस्पताल में परिवर्तित कर देंगे। कोरंटाइन के लिए छह हजार बेड का इंतजाम किया जा चुका है।
विदेश से आए 60 हजार लोगों की निगरानी
अमित मोहन प्रसाद ने कहा है कि अगर किसी को कोराना के लक्षण महसूस हों तो वह तत्काल सीएम हेल्प लाइन 1076 पर फोन कर सलाह ले सकता है। स्वास्थ्य विभाग की हेल्प लाइन पर भी सलाह और चिकित्सा सुविधा हासिल की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था की गई है। जिलों सीएचसी को खाली कराकर कोविड अस्पताल बना दिया गया है। इन स्थानों पर स्टाफ को लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग विदेशों से आने वाले करीब 60 हजार लोगों की निगरानी कर रहा है।