फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अदम्य साहस दिखाने वाली लखनऊ की ज्योति समेत 126 महिलाओं को मिला रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार

Fri, 30 Mar 2018 02:30 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
बालिका को रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित करते सीएम योगी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महिलाओं को अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए सिर्फ सरकार के ही भरोसे न रहकर खुद के बल पर भी आगे आने की जरूरत है। मौजूदा केंद्र व राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन उसका भरपूर लाभ महिलाओं को नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकारी तंत्र से उम्मीद लगाने के बजाय महिलाओं को खुद आगे आकर योजनाओं का लाभ लेना होगा।

विज्ञापन


महिला कल्याण एवं बाल विकास और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार’ समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही पीएसी में महिलाओं की एक बटालियन का गठन किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे जहां महिलाओं की सुरक्षा-व्यवस्था और मजबूत होगी, वहीं उनमें सुरक्षा की भावना भी पैदा होगी।

समारोह में 126 महिलओं को 'रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इनमें से 98 महिलाएं ग्राम प्रधान हैं। इसके अलावा लखनऊ के मो. कलाम और बाराबंकी के कुंवर दिव्यांश को भी साहस के लिए सम्मानित किया गया।
विज्ञापन


महिलाओं के गिरते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में अब भी कुछ जिले ऐसे हैं, जहां बेटियों के प्रति भेदभाव हो रहा है। इसे रोकने के लिए महिलाओं को खुद आगे आना चाहिए। उन्होंने महिलाओं से सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, ग्रामीण इलाकों में शराब बंदी व नशामुक्ति के लिए भी आगे आने का आह्वान किया।

पिछले साल हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं में लड़कियों के बेहतर प्रदर्शन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन करें। इसके लिए सरकार के स्तर से पूरी मदद दी जाएगी। महिला कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने विभाग के क्रियाकलापों पर प्रकाश डाला। राज्य मंत्री स्वाति सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। संस्कृति मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने विभाग के क्रियाकलापों की जानकारी दी। इस मौके पर प्रमुख सचिव महिला कल्याण रेणुका कुमार, सचिव जयप्रकाश सगर, विशेष सचिव राम केवल और सचिव संस्कृति जगतराज भी मौजूद रहे।

बेटी के जन्म लेने पर होती है दादी की टिप्पणी, इसे बदलें

- फोटो : amar ujala
सीएम ने कहा कि परिवार में बालिका जन्म लेती है तो सबसे पहली टिप्पणी घर की दादी की होती है। ऐसी मानसिकता को बदलना होगा। बालक हो या बालिका, उसके साथ समान व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ जिले ऐसे हैं, जहां बालिकाओं के साथ भेदभाव की शिकायतें आती हैं। लिंगानुपात में भारी अंतर देखने को मिल रही है। भेदभाव खत्म करने को एक वर्ष के दौरान बहुत काम हुआ है लेकिन अभी और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विषमता सिर्फ सरकार खत्म नहीं कर सकती, इसके लिए महिलाओं को भी आगे आना होगा।

सीएम के हाथों ये हुईं सम्मानित
मुख्यमंत्री ने जिन्हें पुरस्कार दिया उनमें लखनऊ की ज्योति श्रीवास्तव, सिंधु व डॉ. जेड एमएस (मऊ), कुंवर दिव्यांश व महजबी (बाराबंकी), पुष्पा व तारा (बहराइच), रीतिका (मेरठ), रीमा सिंह (चंदौली), वर्षा सिंह (बस्ती), रंजना द्विवेदी व अवधेश कुमारी (गोरखपुर), सलिया बानो (फर्रुखाबाद) और शहनाज बानो (वाराणसी) शामिल हैं।

अपने-पराये नहीं, मेरिट पर हुआ चयन
रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार के लिए चयन को लेकर मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने कि इस पुरस्कार के लिए चयन अपने-पराये के आधार पर नहीं, बल्कि मेरिट और महिलाओं के योगदान को देखकर किया है। उनकी सरकार में कोई भी योजना सबको ध्यान में रखकर संचालित की जाती है न किसी जाति, धर्म या क्षेत्र को ध्यान में रखकर।

इन्हें मिला बेगम अख्तर पुरस्कार

पं.धर्मनाथ मिश्र को सम्मानित करते सीएम। - फोटो : amar ujala
सीएम योगी ने ठुमरी, दादरा, चैती, होरी व कजरी गायक पं.धर्मनाथ मिश्र और गजल, ठुमरी व शास्त्रीय संगीत गायक उस्ताद सखावत हुसैन खान को बेगम अख्तर पुरस्कार 2017-18 प्रदान कर सम्मानित किया। पंडित धर्मनाथ मिश्र वाराणसी के और उस्ताद सखावत हुसैन खान रामपुर के निवासी हैं।

 
विज्ञापन

उस्ताद सखावत हुसैन खान को सम्मानित करते सीएम - फोटो : amar ujala
सीएम ने कहा कि समाज में बहुत से ऐसे क्षेत्र हैं जिसके लिए कार्य किए जाने की आवश्यकता है। प्रयास समाज के बीच से ही होना चाहिए। जो व्यक्ति समाज के लिए कार्य करेगा, उसे हमारी सरकार सम्मानित करेगी। योगी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार के माध्यम से सरकार जागरूक महिलाओं से खुद को जोड़ रही है। इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। समाज के बीच से आने वाली महिलाएं अन्य के लिए प्रेरणा बन रही हैं। बोले कि महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। महिलाओं के लिए 1090 हेल्पलाइन तो पहले से ही है, अब 181 रेस्क्यू वैन प्रत्येक जनपद को उपलब्ध करा दी गई है। यदि महिलाएं हिंसा या शोषण का शिकार होती हैं तो वे इन सेवाओं का लाभ उठा सकती हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें