एक सवाल के जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा, संन्यास का मतलब पलायन नहीं है। इसलिए वे यूपी में मिली जिम्मेदारी को बखूबी निभाना चाहते हैं। सुबह से लेकर देर रात तक काम करता रहता हूं। साबित कर दिया है कि जहां योगी रहते हैं, वहां भोगी नहीं आते।
योगी ने कहा, पिछले 15 वर्षों में यूपी ने काफी कुछ खोया। प्रशासनिक अधिकारी निर्णय लेने की क्षमता खो चुके हैं। उन्हें इसके लिए नए सिरे से तैयार करना होगा। बाढ़ आई तो अफसरों ने तत्काल राहत पहुंचाने में असमर्थता जाहिर कर दी। मैं खुद 19-20 जिलों में बाढ़ पीड़ितों तक स्टीमर से गया।