पड़ोसी राज्यों से सीमावर्ती जिलों में सभी लोडिंग पॉइंट्स जैसे खनन पट्टे, खनिज भंडारण स्थल और क्रशरों पर वाहन लोडिंग नियमों का कड़ाई से पालन करने और ओवरलोडिंग संबंधी जानकारी साझा की जाएगी। इसके साथ ही सीमावर्ती राज्यों में स्थापित चेकगेट्स और चेकपोस्ट्स की सूची उपलब्ध कराने और यूपी की ओर निकलने वाले वाहनों का विवरण नियमित रूप से साझा की जाएगी। ये कार्य रियल टाइम डेटा के आधार पर सीमावर्ती जिलों के डीएम और खनन निदेशालय मिल कर करेंगे, जिससे संयुक्त निगरानी और छापेमारी की कार्रवाई आसानी से की जा सकेगी।
सीमावर्ती जिलों के अधिकारी हर महीने करेंगे समीक्षा
बता दें कि इससे पहले भी ड्रोन सर्वे और जीपीएस ट्रैकिंग जैसी तकनीकों के माध्यम से अवैध खनन रोकने को लेकर पहल की जा रही है, लेकिन अंतरराज्यीय सीमाओं वाले जिलों में इसे रोकना अभी भी एक बड़ी चुनौती है। इसलिए तय किया गया है कि सभी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के डीएम, पुलिस, परिवहन और खनन विभाग के अधिकारियों की हर महीने समन्वय बैठक होगी। सभी समीक्षा करेंगे और इस फीडबैक के आधार पर सभी राज्यों के अधिकारी टास्क फोर्स के साथ संयुक्त रूप से प्रवर्तन की कार्रवाई करेंगे।