प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों पर कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि नाबालिग से बलात्कार करने वाले के लिए सजा-ए-मौत का प्रावधान होना चाहिए। राज्य सरकार कानून में इसका प्रावधान करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जोन के एडीजी और आईजी रेंज को अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा, आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए सिपाही से लेकर कप्तान तक की जवाबदेही तय की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी इस पर निगाह रखेंगे और लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई करेंगे।
दुराचारियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना जरूरी है। नाबालिग लड़कियों से बलात्कार करने वालों को सजा-ए-मौत के लिए कानून में जरूरी प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार केंद्र को एक प्रस्ताव भेज रही है।
वीमेन पावर लाइन यूपी 100 और एंटी रोमियो स्क्वॉयड से जुड़ेगा
वीमेन पावर लाइन 1090
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मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू की गई 1090 वीमेन पावर लाइन को बेहतर बनाने के लिएकहा कि इसे यूपी 100 और एंटी रोमियो स्क्वॉयड से जोड़ा जाए। उन्होंने जिलों के अधिकारियों और सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थाओं और महिला संगठनों के साथ मिलकर 1090 सहित अलग-अलग पुलिस सेवाओं के बारे में आमजन को जागरूक करने की जरूरत बताई।
दागी न बनें थानेदार
up police
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झांसी की घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि दागी छवि के दरोगा या इंस्पेक्टर को कहीं थानाध्यक्ष न बनाया जाए। एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारी जिलों का दौरा करें और थाना स्तर पर अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करें। यह सुनिश्चित करें कि थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ पूरा न्याय किया जाए।