एसीसी सीमेंट अमेठी में गौरीगंज स्थित टिकरिया सीमेंट प्लांट का 525 करोड़ रुपये से विस्तार कर रही है। इससे इसकी उत्पादन क्षमता 2.7 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ कर 4.3 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी।
गोरखपुर में 509 करोड़ से गैलेंट इस्पात का विस्तार
गैलेंट इस्पात गोरखपुर में इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट व पावर प्लांट का 509.55 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश कर विस्तार कर रही है। इसमें स्पंज आयरन, स्टील, रोलिंग मिल संयंत्र की क्षमता में वृद्धि व पैलेट प्लांट की स्थापना होगी।
अंबाशक्ति इंडस्ट्रीज बुलंदशहर में 183.75 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश कर 360000 मीट्रिक टन की क्षमता का नया ऑटोमेटिक स्टील रोलिंग प्लांट स्थापित कर रही है। पहले चरण में कंपनी 126.99 करोड़ रुपये से दो इंडक्शन फर्नेस तथा एक रि-रोलिंग मिल लगाएगी। दूसरे चरण में 56.75 करोड़ रुपये के निवेश से एक अन्य इंडक्शन फर्नेस की स्थापना करेगी।
फर्रुखाबाद में 729.38 करोड़ से लग रहीं दो सीमेंट ग्राइडिंग यूनिट
फर्रुखाबाद में कनोडिया बिजनेस व कनोडिया निर्माण कंपनी अलग-अलग दो सीमेंट ग्राइडिंग यूनिट की स्थापना कर रही है। दोनों प्रोजेक्ट पर 364.69 और 364.69 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इनकी सालाना क्षमता दो-दो मिलियन टन सीमेंट ग्राइडिंग की होगी।
प्रतापगढ़ में कनोडिया सीमेंट व कनोडिया मैन्युफैक्चरिंग कंपनी अलग-अलग दो सीमेंट ग्राइडिंग यूनिट की स्थापना कर रही है। दोनों ही प्रोजेक्ट पर 364.69 और 364.69 करोड़ रुपये का निवेश होगा। ये प्रतिवर्ष दो-दो मिलियन टन क्षमता की सीमेंट ग्राइडिंग यूनिट होगी।
रायबरेली में लग रही 276.23 करोड़ से सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
साची एजेंसीज रायबरेली में 276.23 करोड़ रुपये से सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना कर रही है। पहले चरण में कंपनी एक मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता की यूनिट स्थापित कर रही है। दूसरे चरण में पांच मेगा वाट कैप्टिव पावर प्लांट व रेलवे साइडिंग की स्थापना होगी।
साची इलाहाबाद में भी 276.23 करोड़ से लगा रही सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
साची एजेंसीज इलाहाबाद में भी 276.23 करोड़ रुपये से सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना कर रही है। पहले चरण में कंपनी एक मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता की यूनिट स्थापित कर रही है। दूसरे चरण में पांच मेगा वाट कैप्टिव पावर प्लांट व रेलवे साइडिंग की स्थापना करेगी।
पसवारा पेपर्स मेरठ में स्थापित मल्टी लेयर क्राफ्ट पेपर इकाई का 400 करोड़ रुपये से विस्तार कर रही है। इसमें 10 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट की स्थापना भी प्रस्तावित है। विस्तारीकरण के बाद फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता 125000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से बढ़कर 265000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष हो जाएगी।