कैबिनेट की बैठक में ओडीओपी उद्यमियों को मार्जिन मनी की सुविधा के साथ बैंकों से लोन उपलब्ध कराए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। इसके तहत ओडीओपी क्षेत्र में युवा उद्यमियों को अधिकाधिक मौका दिए जाने की योजना है। जबकि पहले से लगे उद्यमी तकनीकी उन्नयन व कारोबार विस्तार के लिए लोन ले सकेंगे।
घुंघरू योजना से होगा वर्षा जल संचयन
वर्षा जल संचयन के लिए ‘घुंघरू’ योजना का प्रस्ताव लाया जा रहा है। इसमें बोर वेल के माध्यम से उचित स्थानों पर वर्षा जल संचयन किया जाएगा। बाद में इसे सिंचाई के काम में लाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह योजना बुंदेलखंड के महोबा, झांसी व ललितपुर जिलों में लागू किए जाने की उम्मीद है। एक बोर वेल से 20 हेक्टेयर तक जमीन सिंचित हो सकती है।
कुंभ मेला में इस बार स्वच्छता का विशेष प्रबंध होगा। इस बाबत कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव रखा जा रहा है। इस बार सरकार दो तरह के शौचालय बना रही है। गंगा तट पर बालू वाले क्षेत्र में ऐसे शौचालय बनेंगे, जिसे सीवेज मशीन से साफ किया जाएगा। इससे मैला गंगा में नहीं गिरेगा। जबकि मिट्टी वाले क्षेत्र में सामान्य सोख्ता शौचालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा कम्युनिटी शौचालयों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि खुले में शौच पर रोक लगाई जा सकेगी। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत ये विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
सुपर टाइम स्केल के जिला जज होंगे भूमि अर्जन प्राधिकरण के मुखिया
भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रिया में वर्तमान में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यस्थापन प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी के रूप में यूपी उच्चतर न्यायिक सेवा के सुपर टाइम स्केल पद पर कार्यरत अधिकारी को नियुक्त किए जाने की व्यवस्था है। इस व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव है। न्याय विभाग ने नियमावली में अब ‘यूपी उच्चतर न्यायिक सेवा का जिला जज, जिन्होंने सुपर टाइम स्केल प्राप्त कर लिया हो, को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किए जाने का प्रस्ताव किया है।
योगी सरकार औद्योगिक विकास विभाग के नियंत्रण वाले औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के कर्मियों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के क्रम में लाभ की मंजूरी दे सकती है। ये संस्तुतियां एक जनवरी 2016 से लागू किए जाने का प्रस्ताव है। औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976 के अधीन गठित सभी प्राधिकरण इसके दायरे में आएंगे।
सरकार ने राजकीय चिकित्सा शैक्षणिक संस्थाओं के सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को संविदा के आधार पर नवस्थापित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में पुनर्नियोजित करने का प्रस्ताव किया है। इसके अलावा चार मेडिकल कॉलेजों में नव स्थापित व स्थापनाधीन सुपरस्पेशिएलिटी ब्लॉक, बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में निर्माणाधीन बाल चिकित्सालय और सीजी सिटी में सुपर स्पेशिएलिटी कैंसर संस्थान व अस्पताल में भी सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को फिर से सेवा में लेने की सहमति मांगी है। इन प्रस्तावों को भी सहमति मिल सकती है।
स्ववित्त पोषित महाविद्यालय के प्राचार्यों की अर्हताओं में होगा बदलाव
राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध अनानुदानित/ स्ववित्त पोषित अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की अर्हताओं में संशोधन की तैयारी है। उच्च शिक्षा विभाग इससे जुड़ा प्रस्ताव ला रहा है।