सीएम योगी ने लिया फैसला।
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-आने वाले दिनों में धनतेरस, अयोध्या दीपोत्सव, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई-दूज, देवोत्थान एकादशी, वाराणसी देव दीपावली और छठ महापर्व जैसे विशेष त्योहार हैं। इसके अलावा अयोध्या में पंचकोसी, 14 कोसी परिक्रमा, कार्तिक पूर्णिमा स्नान आदि मेलों का आयोजन भी इसी अवधि में है। शांति, सुरक्षा और सुशासन के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है। पिछले अनुभवों से सीख लें। पर्व- त्योहारों के इस समय में पुलिस और प्रशासन सहित पूरी टीम यूपी को 24×7 अलर्ट रहना होगा।
-उल्लास और उमंग के इस अवसर पर यह सुनिश्चित किया जाए कि आगामी 28 अक्टूबर से 15 नवंबर तक पूरे प्रदेश में 24 घंटे अनवरत बिजली आपूर्ति हो। पॉवर कॉर्पोरेशन द्वारा इस संबंध में आवश्यक तैयारी कर ली जाए।
- सभी पर्व शांति और सौहार्द के बीच सम्पन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएं। पिछले एक माह की गतिविधियों की समीक्षा करें और चिन्हित उपद्रवियों/अराजक तत्वों को पाबंद करें। माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता की जाए। यह हर्ष और उल्लास का समय है, इसमें उपद्रव स्वीकार नहीं किया जा सकता। अराजक तत्वों/उपद्रवियों को उनकी भाषा में ही जवाब देना उचित होगा।
- अयोध्या दीपोत्सव का भव्य आयोजन इस वर्ष 30 अक्टूबर को होना है। भव्य, दिव्य, नव्य श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला भगवान की प्राण प्रतिष्ठा के उपरांत यह पहला दीपोत्सव है। स्वाभाविक रूप से इस बार दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत अधिक होगी। इसी प्रकार, 15 नवम्बर को वाराणसी में देव-दीपावली मनाई जाएगी। ऐसे में दोनों ही महत्वपूर्ण आयोजनों में सेफ्टी-सिक्योरिटी और क्राउड मैनेजमेंट की व्यवस्था और अधिक अच्छी होनी चाहिए। दीपोत्सव और देव दीपावली की गरिमा के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाए।
-छठ पर्व को 'स्वच्छता और सुरक्षा' के मानक पर्व के रूप में आयोजित किया जाए। छठ महापर्व पर पूजा/अनुष्ठान के दौरान पूरे प्रदेश में स्वच्छ्ता का माहौल हो, इसके लिए नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा विशेष प्रयास किये जायें। लोगों की आस्था का यथोचित सम्मान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि नदियां/जलाशय दूषित न हों। नदी/जलाशय घाटों की साफ-सफाई करा लें और ट्रैफिक प्रबंधन भी किया जाए।
-आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रॉमा सेवाएं अनवरत रूप से चलती रहनी चाहिए। गांव हो या नगर हर जगह चिकित्सकों की सुलभ उपलब्धता होनी चाहिए।