पिछले 15 सालों में इस साल सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की सबसे कम खरीद हुई है। बुधवार तक 3.28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो पाई थी। सरकार ने इस बार गेहूं की खरीद का लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन रखा था पर छह प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया।
प्रदेश में सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तीस जून तक गेहूं की खरीद होगी। 15 जून तक खरीद होनी थी पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 दिन और खरीद करने के निर्देश दिए हैं। इस बाबत बुधवार को आदेश भी जारी कर दिया गया।
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पिछले 15 सालों में इस साल सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की सबसे कम खरीद हुई है। बुधवार तक 3.28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद हो पाई थी। सरकार ने इस बार गेहूं की खरीद का लक्ष्य 60 लाख मीट्रिक टन रखा था पर छह प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया। पिछले साल सरकार ने लगभग 13 लाख किसानों से 56.41 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था पर इस बार तो लक्ष्य बेहद दूर रह गया। दरअसल, इसका बड़ा कारण बाजार में गेहूं का भाव इस बार ज्यादा होना रहा।
सरकार 2015 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर खरीद कर रही है जबकि बाजार में भाव इससे ज्यादा मिला। सालों बाद ऐसा हुआ जब मंडियों में गेहूं की खुली बोली लगी। यही कारण रहा कि किसानों ने क्रय केंद्रों का कम ही रुख किया। 887 केंद्र तो ऐसे रहे जिन पर कोई खरीद ही नहीं हो पाई। खरीद के लिए कुल 5683 केंद्र खोले गए हैं। कम तौल होने केचलते ही सरकार की मंशा है और खरीद और बढ़ाई जाए।