मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ऑक्सीजन आपूर्ति तक ही सीमित नहीं रहना है। ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करना है। वर्तमान में प्रदेश के अंदर 300 ऑक्सीजन प्लांट को स्थापित करने की कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं। अकेले अयोध्या मंडल में 18 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। जिसमें छह लग चुके हैं, शेष की प्रकिया आगे बढ़ाई जा चुकी है।
पीएम केयर फंड, सीएम केयर फंड, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग, सीएसआर व प्रदेश के गन्ना विभाग द्वारा हर जनपद में एक-एक प्लांट लगाने की तैयारी चल रही है। अयोध्या मंडल को एक अभियान के साथ लिया गया है इसके साथ-साथ प्रत्येक जनपद को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए हैं। हर एक जनपद को उसके आवश्यकतानुसार कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं और भी उपलब्ध कराने की कार्रवाई हो रही है।
यूपी ने निर्मूल साबित की विशेषज्ञों की आशंका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी को लेकर विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की थी कि 5 से 10 मई के भीतर प्रतिदिन एक लाख कोरोना पॉजिटिव आएंगे, लेकिन कोविड प्रबंधन ने उन सभी आशंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया है। पूरे एग्रेसिव कंपेन के साथ इस कार्यक्रम को प्रदेश में आगे बढ़ाया जा रहा है। पहली लहर में हम लोगों को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं पड़ी थी। प्रदेश के अंदर जो खपत थी वह तीन सौ मीट्रिक टन के आसपास थी, उसके अंदर काम चल जाता था। लेकिन दूसरी लहर ने हमारे सामने एक नई चुनौती प्रस्तुत की है।
ऑक्सीजन की अचानक मांग बढ़ गई है। अयोध्या में भी ऑक्सीजन भेजनी पड़ रही है। इसके लिए हम आभारी हैं, भारत सरकार के जिन्होंने ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए स्पेशल ट्रेन उपलब्ध कराई। एक्सप्रेस चलवाई, एयरफोर्स के बड़े-बड़े जहाजों के माध्यम से टैंकर भेजे गए। प्रदेश के अंदर अब एक हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है।
हम अपने उन वैज्ञानिकों का अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने भारत सरकार की मदद से देश को दो स्वदेशी वैक्सीन दी। प्रदेश में 45 वर्ष से ऊपर के एक करोड 40 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। प्रदेश में 45 सौ केंद्रों पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। पहली मई से 18 साल के ऊपर के युवाओं को भी वैक्सीन देना प्रारंभ कर दिया गया है। पहले चरण में हमने सात जनपद लिए थे जहां सर्वाधिक एक्टिव केस थे। अब तक 18 जनपद 18 प्लस वैक्सीनेशन अभियान के साथ जोड़े गए हैं। कोरोना महामारी से बचने के लिए यह वैक्सीन एक सुरक्षा कवच है। तीसरे चरण में हम प्रदेश के सभी जनपदों को 18 प्लस वैक्सीनेशन के साथ जोड़ने की कार्रवाई करेंगे। वैक्सीन की बरबादी न हो इसलिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था कराई गई है। यह महामारी है, इसे हल्के में न लें, प्रदेश व केंद्र सरकार पूरा प्रयास कर रही है। सरकार द्वारा जो भी नियम बनाए गए हैं, जो भी सुविधाएं दी गई हैं वह जनता को बचाने के लिए हैं। बीमारी को छुपाएं नहीं, बल्कि उसके तत्काल उपचार शुरू कर दें। हम सब इस कंपेन का हिस्सा बने।
पीएम के मंत्र को अपनाकर ही मिलेगी जीत
पहली लहर में ही पीएम ने कुछ मंत्र दिए थे कि टेस्ट और ट्रीट के अभियान को हमें अपनाना पड़ेगा। शत प्रतिशत टेस्टिंग के साथ ही उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना, होम आइसोलेशन में मेडिकल किट समय पर उपलब्ध कराना, जिनको ऑक्सीजन चाहिए उन्हें दिलाना, जिन्हें एल-टू, एल-थ्री के बेड चाहिए उपलब्ध कराना इसके लिए सरकार ने 75 प्रतिशत 108 एंबुलेंस केवल इसी कार्य के लिए लगाई हैं। कोविड मरीज का रिस्पांड टाइम कम करने के लिए हमने एंबुलेंस जोड़ी है। प्राइवेट एंबुलेंस अलग से कार्य कर रही है। सीएसआर से जितने जनपदों को एंबुलेंस उपलब्ध कराई है। 350 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस भी इसके साथ जोड़ी गई है। पूरे प्रदेश में लगभग दो हजार एंबुलेंस कोविड कार्य के साथ जोड़ी गई हैं।
गांव में जांच अभियान के आ रहे अच्छे परिणाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक आशंका और व्यक्त की जा रही थी कि पंचायत चुनाव के बाद गांवों में स्थिति विस्फोटक होगी। पंचायत चुनाव 29 मई को संपन्न हुआ। 02 और 03 मई केे मतगणना के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद हम लोगों ने 05 मई से एक अभियान प्रारंभ किया है। गांव-गांव में टीम भेजकर संदिग्ध व लक्षणयुक्त लोगों की जांच कराई जा रही है। इस अभियान के बहुत अच्छे परिणाम सामने आते दिखाई दे रहे हैं। यह अभियान एक सप्ताह तक प्रदेश के सभी 97 हजार राजस्व गांवों में चलाया जाएगा। शहरी क्षेत्रों में जो सामान्य टेस्टिंग होती थी वह नियमित रूप से चलती रहेगी।