मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष एक झूठ बार-बार दोहराकर उसे सच नहीं बना सकता। हम अच्छे कामों के कारण ही दुबारा जीते। 37 साल बाद कोई सरकार पुन: आई है। मछुआ समुदाय समेत सभी गरीबों के लिए सरकार नियमावली बनाकर काम कर रही है। हर पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति को मुफ्त राशन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। योगी ने ये बातें बुधवार को विधान परिषद में प्रश्न प्रहर के दौरान विपक्ष के उठाए सवालों के जवाब में कहीं।
बसपा के सदस्य भीमराव अंबेडकर ने भीख मांगने वालों के लिए निशुल्क खाद्यान्न योजना के तहत लाभ दिए जाने के बारे में सवाल पूछा था। उन्होंने इस मामले में सरकार पर उपेक्षा का आरोप भी लगाया। नेता सदन स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भिक्षाटन करके जीवनयापन करने वाले परिवार भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र होते हैं तो उन्हें इस योजना का लाभ दिया जाता है।
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बसपा सदस्य ने संवेदनशील मुद्दा उठाया है। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद हर जरूरतमंद के लिए राशन उपलब्ध कराने का काम किया गया है। महामारी के दौरान भी आम लोगों की मदद की गई। जो भी पात्र मिलेंगे, उनका नाम लाभार्थियों की सूची में जोड़ा जाएगा।
सपा के डॉ. राजपाल कश्यप ने कहा कि 1994 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार ने मछुआ समुदाय की जातियों को बालू व खनन के पट्टे देने के लिए नियम बनाया था। पर आज इन जातियों को इस सुविधा से वंचित किया जा रहा है। प्रयागराज में नावें तोड़ दी गईं। नेता सदनस्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि मिर्जापुर में मछुआ समुदाय के हर व्यक्ति को सरकार ने पक्का मकान, शौचालय और गैस कनेक्शन दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को उत्तेजित होने की आवश्यकता नहीं है। मछुआ समुदाय के हित में केंद्र व राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। इनके लिए कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत 1991 में तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह की सरकार ने की थी। पर्यावरण के मद्देनजर समय-समय पर न्यायालयों का जो आदेश होता है, उनका पालन करना भी सरकार की जिम्मेदारी होती है। नीति के अंतर्गत पट्टे देने का काम अभी भी किया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि एक झूठ को बार-बार बोलने से वह सच नहीं हो जाता।