सीएम ने कहा कि सरदार पटेल ने 563 से अधिक रियासतों को भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया था। भारत जब आजाद हुआ था, तब जूनागढ़ व हैदराबाद रियासतों के शासक विलय के लिए आनाकानी कर रहे थे। सरदार पटेल ने जूनागढ़ के नवाब को चेतावनी दी कि बातों से नहीं मानोगे तो हमें दूसरा तरीका भी अपनाना आता है, तब वह अपने बच्चों तक को छोड़कर पाकिस्तान भाग गया। आज जूनागढ़ भारत का हिस्सा है। हैदराबाद का निजाम व्यापक कत्लेआम कराकर हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों को कटवाता और धर्मांतरण कराता था। वह कोई भी प्रोटोकॉल नहीं मानता था परंतु जब लौहपुरुष ने उसे चेतावनी दी तो उसे भी भागना पड़ा। हैदराबाद समेत उसके अंदर आने वाली रियासतों के सभी हिस्से आज भारत में है।
कांग्रेस ने कश्मीर में किया पाप
सीएम ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू ने कश्मीर के मामले को अपने पास रखा था। तब उस पर पाकिस्तान की मदद से कबीलाइयों ने हमला किया। कश्मीर के कुछ हिस्से पर आज भी पाकिस्तान का कब्जा है। वहां हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन का कत्लेआम हुआ। अब वहां उनकी न के बराबर आबादी है। पं. नेहरू ने भारत वाले कश्मीर में अनुच्छेद-370 को लागू कर दिया था। बाबा साहेब ने इसका विरोध किया लेकिन यह पाप कांग्रेस ने किया।
साकार हुआ सरदार पटेल, डॉ. मुखर्जी समेत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना
सीएम ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद-370 को सदैव के लिए दफन कर कश्मीर को भारत का हिस्सा उसी रूप में बना दिया, जैसे उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्य हैं। अब भारत में दो कानून नहीं, बल्कि एक देश में एक प्रधान, एक विधान व एक निशान ही चलेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने जब यह कार्य किया तो वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी समेत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सपना साकार हुआ।
‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए हम सभी देंगे योगदान
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय एकता के समक्ष चुनौतियां प्रस्तुत करने और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं। हम सभी को मिलकर इसका मुकाबला करना होगा। सीएम ने इस कार्यक्रम के लिए विधायक शशांक वर्मा का अभिनंदन किया और उनके पिता को भी श्रद्धांजलि दी। सीएम ने उम्मीद जताई ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की एकता के लिए हम सभी योगदान देंगे।
इस अवसर पर दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, चौधरी भूपेंद्र सिंह, खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव, राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, कैलाश राजपूत, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल, विधायक शशांक वर्मा, प्रभात वर्मा, राजेंद्र सिंह पटेल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।