मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दीपावली के लिए पटाखों की दुकानों व गोदामों का आबादी से दूर होना सुनिश्चित कराएं। जहां पटाखों का क्रय-विक्रय हो, वहां फायर टेंडर के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। पुलिस बल की सक्रियता भी बनी रहे। पटाखों की दुकान खुले स्थान पर हो। इन्हें लाइसेंस व एनओसी समय से जारी कर दिया जाए।
दीपोत्सव और देव दीपावली उल्लास और उत्साह का अवसर है। बड़ी संख्या में स्थानीय जनता और देश-विदेश से पर्यटक इसमें सहभागिता के उत्सुक होंगे। ऐसे में जनता की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए। आमजन के आवागमन, बैठने की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण में लगे पुलिस बल का व्यवहार सरल और सहयोगी हो। किसी भी श्रद्धालु अथवा पर्यटक को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
23 से 26 नवम्बर तक काशी में गंगा महोत्सव और 27 को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देव दीपावली का भव्य आयोजन होगा। इस अवसर पर परंपरा के अनुसार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। देव दीपावली पर इस वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालुओं/पर्यटकों के आगमन की संभावना है। इस वर्ष 11 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने की तैयारी करें।
देवदीपावली और छठ के अवसर पर नदी घाटों पर भीड़ प्रबन्धन, सुरक्षा व्यवस्था विशेषकर, महिला सुरक्षा, अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम करते हुये आपातकालीन हेल्पडेस्क बनाये जाएं। छोटी नावें न चलें तो बेहतर होगा। नाविकों का सत्यापन कराएं। गोताखोरों की तैनाती रखें। 11 नवम्बर को हनुमान जयन्ती का पावन अवसर भी है। ऐसे में काशी संकटमोचन और अयोध्या हनुमानगढ़ी पर साज-सज्जा की जानी चाहिए।
10 नवंबर को धनतेरस का पर्व है। हर सनातन आस्थावान कुछ न कुछ खरीदारी जरूर करता है। इस मौके पर बाजार में भीड़ बढ़ेगी। ऐसे में अराजक तत्वों व शोहदों की सक्रियता, लूट-पाट की भी घटनाएं न हों, इसके लिए अलर्ट रहना होगा। फुट पेट्रोलिंग बढाएं। सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता जांच ली जाए।
उन्होंने कहा कि पर्व और त्योहार खुशियों का अवसर होते हैं। हर व्यक्ति उल्लास-उमंग और आह्लाद में होता है। शरारती तत्व लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें। हर नगर की जरूरत के अनुसार ट्रैफिक प्लान तैयार करें। यह सुनिश्चित करें कि बाजार आने वाले लोग ट्रैफिक जाम में न फंसें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। हर दिन पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे। पीआरवी 112 एक्टिव रहे। वरिष्ठ अधिकारी खुद भी इसमें प्रतिभाग करें।
पर्व और त्योहारों के बीच ग्रामीण हो या कि शहरी क्षेत्र, पर्व-त्योहारों के बीच बिजली अपूर्ति सुचारु रखी जाए। कहीं से भी अनावश्यक कटौती की शिकायत न आए। इसकी समीक्षा की जाए।
मिलावटखोरी आम जन के जीवन से खिलवाड़ है। किसी भी सूरत में मिलावटखोरी को सहन नहीं किया जाएगा। पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांचकी कार्रवाई तेज की जाए। मिलावटी खाद्य पदार्थों के बिक्री की हर शिकायत पर तत्काल कार्यवाही हो। मिशन रूप में प्रदेशव्यापी निरीक्षण किया जाना चाहिए। मिलावटखोरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।
ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता, सैनिटाइज़ेशन और फॉगिंग का कार्य मिशन मोड में किया जाए। अतिरिक्त मानव शक्ति की जरूरत हो तो समय से प्रबंधन करें। स्वच्छता कार्य की शासन स्तर पर समीक्षा की जाए।
पर्व और त्योहारों के इस उल्लासपूर्ण माहौल में लोगों के आवागमन में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। बड़ी संख्या में लोग अपने घर जाते हैं। ऐसे में परिवहन विभाग द्वारा ग्रामीण रुट पर बसों की संख्या बढ़ाई जाए। खराब हालत वाली बसों को सड़क पर कतई न चलने दें। कोई भी चालक नशे की स्थिति में न हो।
उन्होंने निर्देश दिया कि पूरे प्रदेश में ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन किया जाए। इनके लिए रूट निर्धारित किया जाए। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभर्थियों को दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ओर से उपहार स्वरूप निःशुल्क रसोई गैस सिलेंडर वितरित किया जाना है। लाभार्थियों का आधार सत्यापन करा लिया जाए। हर जनपद में इससे जुड़े आयोजन होंगे।