विश्व एमएसएमई दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। साथ ही यूथ अड्डा का लोकार्पण, सीएम युवा मोबाइल ऐप का शुभारंभ और बरेली व मुरादाबाद में 18 करोड़ रुपये की ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
इस मौके पर दिए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने जातिगत भेदभाव को समाप्त करके युवाओं को समान अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों को जातिगत संघर्ष कराने से ही फुरसत नहीं थी। इस कारण प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। पिछली सरकारों ने न सिर्फ उद्यमियों की उपेक्षा की, बल्कि जातीय संघर्षों को बढ़ावा देने का कार्य भी किया।
केवल अपने परिवार के लिए काम करती थीं सरकारें
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले का यूपी दंगों व माफिया गिरोह के रूप में, बेटी और व्यापारी के लिए सबसे असुरक्षित प्रदेश के रूप में जाना जाता था। सरकारें जातीय संघर्ष करवाकर परिवारवाद के नाम पर एक जनपद एक माफिया दे रहीं थीं। वे सब अपने परिवार के लिए कार्य कर रहे थे। प्रदेश से उनका कोई मतलब नहीं था। यूपी ने 24 जनवरी 2018 को पहली बार अपना स्थापना मनाया।
युवाओं के लिए उद्यमिता का नया मंच है यूथ अड्डा
मुख्यमंत्री ने यूथ अड्डा का लोकार्पण किया। इसे यूपीकॉन द्वारा नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। यह मंच सभी जातियों और समुदायों के युवाओं को अपने व्यवसायिक विचार साझा करने, बैंकों से ऋण सहायता प्राप्त करने और अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन लेने का अवसर प्रदान करेगा।
तकनीक से सशक्तिकरण का आधार है सीएम युवा ऐप
सीएम युवा मोबाइल ऐप के शुभारंभ के साथ, सरकार ने युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। यह ऐप सभी समुदायों के युवाओं को बिना किसी जातिगत भेदभाव के प्रशिक्षण, ऋण, और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी युवा सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के लिए मजबूर न हो।
हर जनपद, हर समुदाय की पहचान बना ओडीओपी
मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत बरेली और मुरादाबाद में 18 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर (सीएफसी) परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि आज ओडीओपी के माध्यम से हर जनपद की विशिष्टता को वैश्विक मंच मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना ने सभी जातियों के कारीगरों और उद्यमियों को समान अवसर प्रदान किए हैं। इससे मुरादाबाद का ब्रास, भदोही का कालीन और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं।
रोजगार और समावेशिता का आधार बना एमएसएमई
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में दो करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं। इनमें सभी जातियों और समुदायों के लोग शामिल हैं। सरकार ने बिना भेदभाव इन इकाइयों को पांच लाख रुपये का सुरक्षा कवच और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है। यूपी देश में एमएसएमई में 14 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ अग्रणी है।
आर्थिक प्रगति है यूपी का नया चेहरा
मुख्यमंत्री ने पिछले आठ वर्षों में यूपी की आर्थिक प्रगति ती चर्चा की। कहा कि 2017 में प्रदेश का निर्यात मात्र 80 हजार करोड़ रुपये था। यह आज दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 46 हजार रुपये से बढ़कर एक लाख 20 हजार रुपये और जीडीपी 12 लाख 75 हजार करोड़ से बढ़कर 31 लाख करोड़ रुपये हो गई है। यह प्रगति बेहतर कानून व्यवस्था और सभी समुदायों को समान अवसर देने के कारण संभव हुई है।
युवा उद्यमी योजना के जरिए बिना भेदभाव के मिल रहा अवसर
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 55 हजार युवाओं को पांच लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण और 10 प्रतिशत सरकारी अनुदान प्रदान किया गया है। सीएम ने आगे कहा कि हमने इन युवाओं का चयन उनकी प्रतिभा के आधार पर किया, न कि उनकी जाति या क्षेत्र के आधार पर। इस योजना ने सभी समुदायों के युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान से हुआ परंपरागत कारीगरों का उत्थान
सीएम ने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत एक लाख से अधिक परंपरागत कारीगरों को टूलकिट और सस्ते ऋण प्रदान किए गए हैं। ये कारीगर विभिन्न जातियों और समुदायों से हैं। इन्हें पहले उपेक्षित किया जाता था। हमने हर गांव और कस्बा के कारीगरों को सम्मान और अवसर दिया है। ताकि वे अपनी कला को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें।
इंटरनेशनल ट्रेड शो से बन रही यूपी की वैश्विक पहचान
सीएम ने इस वर्ष 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे संस्करण की घोषणा की। कहा कि यह शो यूपी के एमएसएमई उत्पादों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने का मंच प्रदान करेगा। पिछले दो संस्करणों की सफलता ने दिखाया कि यूपी के उत्पाद, चाहे किसी भी समुदाय के कारीगरों द्वारा बनाए गए हों, विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
जीआई टैग से हो रही यूपी की कला और विरासत की रक्षा
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यूपी के 77 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो चुका है। 75 नए आवेदनों पर कार्य चल रहा है। इसके लिए ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ताकि, सभी समुदायों के हस्तशिल्पियों के उत्पादों को संरक्षित किया जा सके। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारी विरासत पर कोई और दावेदारी न कर सके।
विकसित भारत के संकल्प को साकार कर रहा यूपी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिगत भेदभाव को समाप्त कर हर युवा और कारीगर को समान अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव एमएसएमई आलोक कुमार, एसएलवीसी के कोऑर्डिनेटर शैलेन्द्र कुमार सिंह सहित एमएसएमई विभाग के अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।