गोशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह देवीपाटन शक्तिपीठ में मां पाटेश्वरी के दरबार में हाजिरी लगाई। गर्भगृह में दुर्गा सप्तशती का पाठ व पूजन किया। इसके बाद मंदिर की गोशाला में गायों को चारा खिलाया और कामधेनु गाय के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही जनप्रतिनिधियों से बाढ़ राहत के प्रबंधों समेत अन्य बिंदुओं पर जानकारी भी ली।
ब्रह्मलीन महंत योगी महेंद्र नाथ के श्रद्धांजलि कार्यक्रम मेें मंगलवार शाम प्रतिभाग करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने देवीपाटन शक्तिपीठ मंदिर में रात्रि विश्राम किया। बुधवार भोर में मुख्यमंत्री ने सूर्य कुंड का भ्रमण किया। मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद थारु छात्रावास की सुविधाओं के बारे में प्रबंधन से जुड़े लोगों से विचार-विमर्श किया।
मुख्यमंत्री सुबह 7.30 बजे मां पाटेश्वरी मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। वहां करीब 45 मिनट तक उन्होंने दुर्गा सप्तशती का पाठ व पूजन किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में स्थापित महंत योगी महेेंद्र नाथ की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने गोशाला की व्यवस्था का जायजा लिया और गायों को चारा खिलाया। कामधेनु गाय के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान महंत मिथिलेश नाथ योगी, हनुमानगढ़ी के महंत महेंद्र दास आदि मौजूद रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, विधायक सदर पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू से जिले में बाढ़ राहत को लेकर किए गए प्रशासनिक प्रबंधों के बारे में जानकारी ली। साथ ही नुकसान का आकलन करके प्रस्ताव शासन को भेजवाने को कहा। कानून-व्यवस्था के साथ ही सड़कों के गड्ढामुक्त अभियान के बारे में भी जानकारी ली।
तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने हरिहरगंज-ललिया-बनकटवा मार्ग जर्जर होने की बात कहते हुए चौड़ीकरण व उच्चीकरण की मांग की। मथुरा बाजार में अलग से बिजली उपकेंद्र की स्थापना कराने का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है।