सीएम योगी ने कहा कि बस्ती और कन्नौज में पहले से ही10-10 हेक्टेयर में इंडो-इजरायल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित हैं। बस्ती का सेंटर खास कर फलों के लिए है। यहां हर साल करीब 42 हजार आम के पौध तैयार किए जाते हैं। बस्ती के सेंटर का फोकस सब्जियो के उन्नतशील पौधों के उत्पादन पर है। इस सेंटर में हर साल 7 लाख पौधे तैयार किए जाते हैं। ये सभी पौधे किसानों को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जाते हैं। सरकार की योजना हॉर्टिकल्चर और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की है। उन्होंने इसमें भी इजराइल से आवश्यक सहयोग की अपेक्षा की।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी इजरायल के लिए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं। इंडो गंगेटिक बेल्ट की सबसे उर्वर भूमि और 9 तरह की कृषि जलवायु क्षेत्र होने के साथ यहां हर सीजन में कच्चे माल के रूप में फलों एवं सब्जियों की कोई कमीं नहीं है। इजराइल के लिए यह क्षेत्र भी संभावनाओं का क्षेत्र हो सकता है।
बुंदेलखंड में सिंचाई व पेयजल क्षेत्र में नई परियोजना प्रस्तावित
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई व पेयजल के क्षेत्र में इजराइल के तकनीकी सहयोग से नवीन परियोजना प्रस्तावित है। इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट आ चुकी है। जल्द ही डीपीआर तैयार हो जाएगी। यह परियोजना बुंदेलखंड के किसानों को 12 महीने फसल प्राप्त करने में उपयोगी होगी और हर घर नल योजना अपने उद्देश्यों में सफल होगी।