मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में ढाई लाख से ज्यादा की संख्या में बुनकर पावरलूम से जुड़े हुए हैं। यही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। हमें इस व्यवस्था को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी को रोकते हुए प्रदेश के बुनकरों को बिजली के बिल में आवश्यक सब्सिडी दी जाए। सीएम ने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन इसको लेकर व्यवस्था बनाएं।
सीएम ने बुधवार को एमएसएमई बुनकर योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण देखा। इस दौरान बिजली की खपत और उस पर दी जाने वाली सब्सिडी को लेकर सीएम ने अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकरी व्यवसाय से जुड़े प्रदेश के बड़े सेंटर जैसे आंबेडकर नगर, वाराणसी, मऊ, गोरखपुर और मेरठ जैसे जिलों के बुनकर व्यापारियों से बात करें और उनकी राय लें।
ये भी पढ़ें - राम मंदिर के मुख्य पुजारी के बाद अब जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव ने की राहुल गांधी की तारीफ, कही ये बात
ये भी पढ़ें - छुट्टा जानवरों की समस्या से मिलेगी राहत: सीएम योगी का निर्देश, गोशालाओं के लिए बनाएं सेल्फ सस्टेनेबल मॉडल
सीएम योगी ने कहा कि हमारे बुनकर आज भी पुरानी तकनीक पर कार्य कर रहे हैं। बाजार में आज नई तकनीक और डिजाइन आ गई हैं। बुनकरों को जल्द से जल्द अपग्रेड करते हुए उनके उत्पादों को समय अनुकूल बनाएं। उनके डिजाइन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनकरों के लिए बिजली खपत की योजना को नेट बिलिंग के साथ जोड़ते हुए सोलर पावर की दिशा में आगे बढ़ाया जाए। हम अभी सोलर पैनल लगाने के लिए 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दे रहे हैं। इसके लिए बुनकरों को प्रोत्साहित करें। बिजली के उपभोग के व्यय का मूल्य हर हाल में पावर कॉर्पोरेशन को मिले यह भी सुनिश्चित करें।