मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वीर सावरकर का जीवन देश के लिए समर्पित था। उन्होंने हमेशा देश को पहले माना। सावरकर की दृष्टि ही भारत को फिर से विभाजन की त्रासदी से बचा सकती है। इसलिए उनके जीवन से जुड़ी पुस्तक को हर पुस्तकालय में रखा जाना चाहिए। हर विश्वविद्यालय में उस पर शोध होना चाहिए। मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में वीर सावरकर की जयंती पर उदय माहुरकर व चिरायु पंडित की पुस्तक ‘वीर सावरकर-जो भारत का विभाजन रोक सकते थे और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा दृष्टि’ के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सावरकर की दृष्टि, क्रांतिकारी अभियानों, कविताओं व लेखन पर व्यापक शोध की आवश्यकता है। उन्होंने ही हिंदुत्व शब्द दिया था। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी सावरकर पर शोध जरूर करेंगे। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर आजादी के बाद वीर सावरकर को सम्मान न देने और अपमान करने का आरोप लगाया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में सावरकर की स्मृतिका बनवाई तो कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने उसे वहां से हटाकर अपमानित करने का प्रयास किया। इतना ही नहीं कांग्रेस ने सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सरदार बल्लभ भाई पटेल जैसे कई राष्ट्रनायकों का भी अपमान किया है। अमृत महोत्सव के समय में इस देश ने कांग्रेस को उसके कृत्यों की सजा दी है। यह देश हर गद्दारी करने वाले को सजा देगा।
उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने हिंदुत्व शब्द दिया था। उनकी तुलना जिन्ना से की गई तो उन्होंने कहा कि जिन्ना की दृष्टि संकुचित है। वह सिर्फ मुस्लिम व भारत विभाजन की बात करता है, जबकि वह खुद भारत को अविभाज्य रखने की बात करते हैं। वह सबके लिए समान कानून चाहते थे। विभाजन की बात पर उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान आएंगे-जाएंगे लेकिन हिंदुस्तान हमेशा रहेगा।
मुख्यमंत्री वीर सावरकर के गोरक्षपीठ से रहे रिश्तों को याद किया। उन्होंने कहा कि सावरकर की समान दृष्टि का नतीजा ही है कि प्रदेश में सभी धर्म अपने परिसर में पूजा कर रहे। सड़क पर पूजा या नमाज नहीं हो रही। सावरकर की दृष्टि के चलते ही कश्मीर मुख्यधारा में आ गया है। अयोध्या का विवाद भी सुलझ गया। कार्यक्रम को पुस्तक के लेखक व देश के सूचना आयुक्त उदय माधुरकर व सह लेखक चिरायु पंडित ने भी संबोधित किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के साथ ही कई विशिष्ट जन, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।