फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow: आरएसएस को फंडिंग कौन करता है... सवाल का सीएम योगी ने दिया जवाब, कही ये बातें

Sun, 23 Nov 2025 03:31 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

राजधानी लखनऊ के दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता देश के 140 करोड़ लोगों के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे।
 
विज्ञापन
कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता के 18 अध्यायों में वर्णित 700 श्लोक सनातन धर्मावलंबियों के लिए जीवन का मंत्र हैं। 

विज्ञापन


हमने धर्म को मात्र उपासना विधि नहीं माना है। यह तो अपनी आस्था के अनुसार तय होती है। वास्तव में धर्म हमारे यहां जीवन जीने की कला है। गीता हमें जीवन जीने की ही कला सिखाती है। हमने कभी भी अपनी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा। जीयो और जीने की अवधारणा भारत की धरती ने ही विश्व को दी है। वसुधैव कुटुंबकम् की प्रेरणा भी हमने ही दी।

ये भी पढ़ें - नशे से दूर रहो दोस्तों, मैंने कई साल बर्बाद कर दिए... रैपर हनी सिंह ने जीता युवाओं का दिल, तस्वीरें
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - घर में मिली पूर्व प्रधान और पत्नी की लाश, आंख और नाक से बह रहा था खून; हत्या की आशंका... पुलिस कर रही जांच


उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ने हमें सिखाया है कि अच्छे कर्म का फल अच्छा मिलता है और बुरे कर्म का फल बुरा होता है। सीएम ने कहा कि हमें गीता ने बताया कि फल की इच्छा से इतर निष्काम कर्म ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। 

सीएम ने कहा, लोग पूछते हैं कि आरएसएस की फंडिंग कहां से होती है तो मैं यह बताना चाहूंगा कि यहां कोई देश या संगठन फंडिंग नहीं करता। लोग निःस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं। आरएसएस, राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ पिछले सौ वर्षों से लोगों की निःस्वर्थ सेवा में लगा है। हर वर्ग के लिए और उनके जीवन के उत्थान के लिए आरएसएस काम कर रहा है। 140 करोड़ लोगों के लिए गीता आवश्यक है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे।

विज्ञापन

कोलाहल में ही गीता के उपदेश की जरूरत है

उत्सव में स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान देने के लिए मोक्षदा एकादशी का दिन चुना था। इस आयोजन का उद्देश्य प्रेरणा के साथ एक आह्वान भी है कि आज के समय में गीता के साथ जीने की आवश्यकता है। कोलाहल में ही गीता के उपदेश की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का क्या फायदा जब स्मार्ट सिटीजन ही नहीं होंगे। ऐसे में गीता का ज्ञान लोगों को स्मार्ट बनाने के लिए है। स्वार्थगत तुष्टिकरण के बादल छंट रहे हैं। सनातन का उदय हो रहा है। ऐसे में हमारा उद्देश्य है कि गीता के संदेश को घर घर और जन जन तक पहुंचाने का है। शिक्षा के क्षेत्र में भी गीता आए और बच्चों को शुरुआत से ही गीता के संस्कारों की शिक्षा दी जाए। समाज के हर क्षेत्र में गीता का संदेश पहुंचाना चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें